प्रदेश के समाजवादी विचारधारा के दलों के घातक घोषणापत्र

उप्र में लोकसभा चुनाव अपनी गति पकड़ रहा हेै। प्रदेश में पीएम नरेंद्र मोदी सहित सभी दलों के नेताओं की रैलियां व रोड शो अब गति पकड़ रहे हेैं। समाजवादी पार्टी और शिवपाल यादव की पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी का घोषणापत्र जारी हो चुका है। कांग्रेस पार्टी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है। सबसे पहले बात करते हैं समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र की। सपा मुखिया अखिलेश यादव के बयान से पता चलता है कि ये लोग सत्ता हथियाने के लिए इतने अंधे हो चुके हैं कि इनको यह भी समझ में नहीं आ रहा है कि हम लोग किन मुददों के आधार पर जनता के बीच जायें और अहंकार भ्रष्टाचार तथा अथाह घोटाले में डूबे मुस्लिम तुष्टीकरण में संलिप्त यह परिवार अब सेना व पूरे देश को जातिवाद की भयंकर ज्वाला में झोंकने का सपना संजो रहा है।
यादव परिवार की बुद्धि और मानसिकता पूरी तरह से कुंठित हो चुकी है। यह परिवार बात तो करता है लोहिया और अंबेडकर की, लेकिन अब इन लोगों के मंुह से ये बातें शोभा नहीं दे रहीं। एक प्रकार से यादव परिवार ने वर्तमान लोकसभा चुनावों को अपने राजनैतिक हितों के लिए जीवन का अंतिम चुनाव मान लिया हेै और इसलिए चुनाव घोषणापत्र में ऐतिहासिक गलतियां कर ली हैं। समाजवादी पार्टी के नेता गठबंधन के सहारे सीटें तो बचा सकते हैं लेकिन उनका कोई भी विचार भारत जैसे विशाल देश को स्वीकार्य नहीं होगा। यह तो बहुत ही सुखद संयोग रहा कि पुलवामा जैसी अत्यंत दुखद घटना के समय नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में एक बेहद मजबूत व सशक्त सरकार मौजूद थी। अगर कहीं गलती से ऐसे विवारों वालें दलों की सरकार भारत में होती तो उस समय क्या होता यह सोचकर भी मन सिहरन से भर उठता हेै।
जब अखिलेश यादव ने अपना विजन डाक्यूमेंट प्रस्तुत किया, तो उस पर कई समाचार पत्रों ने शीर्षक लगाया कि राष्ट्रवाद की काट के लिए सपा ने अगड़ा-पिछड़ा कार्ड का हथियार चला है। समाजवादियों ने अगड़ा-पिछड़ा हथियार नहीं अपितु संपूर्ण भारत के विनाश करने व उसको खंड-खंड करने की एक बहुत ही वाहियात और विकृत मानसिकता वाला विजन डाक्यूमेंट पेश करके अपनी बुद्धि को जाहिर कर दिया है। ऐसे लोगों के आगे-पीछे जितने भी लोग घूम रहे हैं उनको ध्यानपूर्वक विचार-विमर्श करना चाहिये।
समाजवादी पार्टी ने अपने घोषणापत्र के माध्यम से देशभर के 95 फीसदी सवर्ण समाज का घोर अपमान कर डाला है। अब यह पार्टी सवर्ण समाज से वोट मांगने का हक ही खो बैठी है। समाजवादी पार्टी का सवर्ण समाज को बहिष्कार कर इसका उत्तर प्रदेश के लोकसभा चुनावों में देना चाहिए और इनकी साइकिल को पूरी तरह से पंचर कर देना चाहिए ताकि यह लोग भविष्य में अपनी आवाज न उठा सकें।
समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव में गठबंधन के सत्ता में आने के बाद अहीर बख्तरबंद रेजीमेंट बनाने का वादा किया है। यह लोग कश्मीर नीति के पुनर्मूल्यांकन की बात कह रहे हैं। उनकी यह बात बहुत ही अधिक विघातक है। समाजवादी नेता को कश्मीर पर अपने विचार और अधिक स्पष्ट करने चाहिये। अखिलेश यादव देश की सेना को बहुत कमजोर बनाना चाह रहे हैं व जातिवाद की आग में झोंकना चाह रहे हैं। ऐसी बातें करने वाले नेता का संसद में पहुंचना बहुत ही अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। यह परिवार देश में अमीर और गरीब के बीच गृहयुद्ध की साजिश रचता दिखलायी पड रहा हैं। सपा मुखिया अखिलेश यादव कांग्रेस के रोड-शो में मुस्लिम लीग के झंडे फहराने का समर्थन भी करते हैं तथा एक प्रकार से यह लोग जिन्नावादी नीति के समर्थक बने हुये हेैं।
समाजवादी नेता गरीबोें को लोहिया आवास देने और ढाई करोड़ रूपये से अधिक संपत्ति रखने वाले देश के 0.1 फीसद परिवारों पर दो प्रतिशत टैक्स लगाने की बात कही है। यह एक प्रकार से मुगलकाल में जिस प्रकार से जजिया कर हिंदुओ पर लगाया गया था यह उसी का एक प्रतिरूप हेै। समाजवादी पार्टी के नेता अपने आपको समझ क्या कह रहे हैं देश की जनता क्या वास्तव में महामूर्ख हो गयी है कि वह आपकी बातों का अर्थ नहीं समझती है। आज समाजवादी पार्टी व यादव परिवार को देश का सबसे अमीर दल माना गया है और परिवार के पास भी अकूत संपत्ति है। सर्वप्रथम अखिलेश यादव के परिवार को पूरी संपत्ति का विवरण देश की जनता व सुप्रीम कोर्ट सरीखी संवैधानिक संस्थाओं को बताना चाहिये। समाजवादी सरकार जब सत्ता में आत हे तब यह लेग धन का किस प्रकार से दुरूपयोग करते हेैं प्रदेश की जनता भलीभांति जानती है। सपा मुखिया अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिह यादव के जन्म दिन के अवसर पूरी सरकार उनके पैतृक गांव में नतमस्तक हो रही थी। सपा के सबसे बड़े मुस्लिम नेता आजम खा के जन्म दिन पर भी करोड़ों रूपये लुटाये जाते रहे हैं। सपा मुखिया खिलेशयादव अपनी पत्नी के साथ जन्म दिन बनाने के लिए लंदन जाते हैं। इन लोगों के घरों में अयाशी का सारा साजो-समान उपलब्ध है तथा अपने आप को गरीबों का मसीहा बताकर प्रदेश की जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। यह पत्राकर वार्ता में अपने आप को सबसे बड़ा मुस्लिम मसीह बताकर हिंदू समाज का व अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर अपनी नीति और रीति को स्पष्ट कर रहे हैंे।
अखिलेश यादव का कहना है कि देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बेरोजगारी है लेकिन हमारा व समाज का मत होता जा रहा है कि यादव परिवार तथा उसकी बेरोजगारी ही देश के लिए सबसे बडा खतरा बन चुका है। आज अखिलेश यादव तथा उनका परिवार और कार्यकर्ता व तथाकथित समर्थक बेरोजागर हो गये हैं तथा बहुत से लोग जेल जाने की तैयारी कर रहे हैं। यह परिवार प्रदेश में भाजपा को केवल एक सीट पर ही जीता रहा है। यह कितने अहंकार में डूबे हुए है। अखिलेश यादव देश के मीडिया से बहुत नाराज हो गये हैं तथा अब वह टीवी नहीं देखेंगे और इसके लिए अपना टी वी चैनल लाने का सपना संजों रहे हैं। यह सभी लोग मुसिलम आरक्षण का भी सपना संजो रहे हैं। यह लोग वास्तव में देश में मजबूत सरकार नहीं चाहतें यह लोग देश को लूटने वाली सरकार चाहते हैं जिसमें परिवार का भी हिस्सा बरकार रहे। देश के हिंदू जनमानस तथा विशेषकर सवर्ण समाज को समाजवादी परिवार का व्यापक बहिष्कार करना चाहिये इन लोगों ने टैक्स लगाने की बात कहकर सवर्ण समाज का घोर अपमान किया है।
समाजवादी पार्टी और उनके चाचा शिवपाल यादव का घोषणापत्र झूठ का पुलिंदा तो है ही साथ ही साथ सामाजिक विघटन, सेना के अपमान व वहां पर जातिवाद को बढ़ावा देकर देश की राष्ट्रीय सुरक्षा को रसातल में पहुंचाने का कागजी पुलिंदा है जो कभी सफल नहीं होने वाला।
— मृत्युंजय दीक्षित