जय माता दी

जगत जननी आदिशक्ति तुम
अम्बे मैया  भवानी जय जयकार
सदा  रहे घर मेंं बसेरा तुम्हारा
रखना सदा सलामत घर परिवार
रखना रोशनी, मिटाना अन्धेरे
मनोकामनाएं पूर्ण करती
 सदा खुशी का सवेरा रहेगा
हो रही  तेरी  मां जय जयकार
भक्त जब आए दर्शन  को  तेरे
सदा तू बरसाती  परिवारों पर आशीर्वाद
दुष्टो को ललकारती ,करती संहार
हमेशा  गुणगान  मैया रहेगा
हो संकट  या हो अत्याचार
ईष्या ,बेईमानी को मिटा दो
अपनी कृपा का दो आशीष मुझको
मैया ,बेटी का  सम्बन्ध हमेंंशा  तेरा- मेरा रहेगा
घर मे विराजो मै पुकारू तुम्हें मैया
आ जाओ मेरे घर मे
ज्योत जलाऊँ  तेरे नाम की
जहाँ तुम रहती मैया  हमेशा
उस घर परिवार मे खुशियों का डेरा रहेगा
पुकारू तुम्हें मैया
नौ रात्रि मे आ जाओ
मेरा घर खुशियों से रोशन रहेगा ।
बबीता कंसल

परिचय - बबीता कंसल

पति -पंकज कंसल निवास स्थान- दिल्ली जन्म स्थान -मुजफ्फर नगर शिक्षा -एम ए-इकनोमिकस एम ए-इतिहास ।(मु०नगर ) प्राथमिक-शिक्षा जानसठ (मु०नगर) प्रकाशित रचनाए -भोपाल लोकजंग मे ,वर्तमान अंकुर मे ,हिन्दी मैट्रो मे ,पत्रिका स्पंन्दन मे और ईपुस्तको मे प्रकाशित ।