गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

वक़्त वक़्त की बात है, नसीबों का खेल है, बंजर दिल पर प्यार का बीज बोते देखा है। मैंने सुना था पत्थरों को दर्द नहीं होता, पर मैंने एक पत्थर दिल को रोते देखा है। दिल तोड़ कर मेरा जो हँस रहा था कभी, उसे तन्हा रातों में तकिया भिगोते देखा है। जो कहा करता […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

जब  इश्क़ के असर में रहा। बहुत सबकी नज़र  में  रहा, यार  मेरे  पत्थर, पर  उनके, संग  शीशे  के  घर  में  रहा। सांस चली  जिस  पल  तक, केवल  मौत  के डर  में रहा। रब का साथ मिला तब तक, मां- बाप  के असर  में  रहा। फूलों से निबाह  की ख़ातिर, कांटों   के   शहर   में   रहा। […]

कविता

क्षण

कुछ क्षण – जीवन में छोड़ जाते हैं अनगिनत सुखद आयाम | और बिखर जाते हैं – वातायन के निलय में- तारों की भाँति | कुछ क्षण – जीवन को भर देते हैं , विषैले दंशों से | यह सत्य है , जीवन का हर क्षण – हंता और नियंता है | विचारो जीवन के […]

लघुकथा

रिश्ता

गगन एक मध्यम वर्गीय सुदर्शन युवक था । फिल्मों का असर कहो या उम्र का, किशोरावस्था से युवावस्था की दहलीज पर आते-आते उसके दिल में भी एक अदद गर्लफ्रेंड् बनाने की कवायत कसमसाने लगी। और संयोग देखिए, उन्हीं दिनों उसके पड़ोस में रहने नए किराएदार आए जिनकी पुत्री सुरभि उसकी हमउम्र ही थी। सुंदर, सुशील, […]

कहानी

एहसास

किशोरावस्था शायद होती ही ऐसी है कि दिल नित नए सपने देखने लगता है ! बचपन से किताबों से दिल लगाने वाली सुमि भी इस नए एहसास से अछूती ना रही ! बाहरवीं के पेपर हो चुके थे और रिजल्ट आने में कुछ दिन बाकी थे ! शाम के वक़्त जब वह अपने दोस्तों से […]

राजनीति लेख

नई सरकार के सामने चुनौतियां और संभावनाएं

नई सरकार के सामने चुनौतियां और संभावनाएं         कल नरेन्द्र दामोदर दास मोदी के नेतृत्व में नई सरकार ने शपथ ले ली।यहीं से उसकी जिम्मेदारियां और अगले पांच सालों के लिए चुनौतियां आरम्भ हो गईं।चूंकि अब सरकार का निरन्तर दूसरा कार्यकाल है।सरकार के लगभग पयादे वही हैं जो इनकी पहली सरकार में थे।नेतृत्व कर्ता वही […]

सामाजिक

फटाक-फटाक- 8

तेजी से बदलते इस युग में खबरें भी तेजी से बदलती रहती हैं. तेजी से बदलती इन खबरों को सहेजने के लिए प्रस्तुत है एक नवीन प्रयास फटाक-फटाक. फटाक-फटाक के इस अंक में ढेर सारी सकारात्मक खबरें संक्षेप में, लेकिन सबसे पहले बात हमारी 2 जीवनोपयोगी सूत्रात्मक काव्योक्तियों की- वक्त ही बादशाह है, ज़िंदगी में […]

समाचार

साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला सम्मानित

ब्रजभाषा साहित्य समिति, कोटा ( राजस्थान ) के तत्वावधान में दिनाँक 18 मई 2019 को आयोजित माताश्री शान्ति देवी उपाध्याय स्मृति सम्मान समारोह 2019 के अंतर्गत कुण्डलिया छन्द के सशक्त हस्ताक्षर व वरिष्ठ साहित्यकार श्री त्रिलोक सिंह ठकुरेला को महाप्रभु मंदिर के अधिष्ठाता आचार्य विनय कुमार गोस्वामी जी के आशीर्वाद, समारोह के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार […]

गीत/नवगीत

गीत – आओ ऐसा दीप जलायें

आओ ऐसा दीप जलायें, मन का तिमिर मिटायें हृदय प्रेम से आलोकित हो, नफरत दूर भगायें जिनको नहीं चिराग मयस्सर, उनको गले लगायें सिर्फ न अपना घर हो रौशन, घर घर दीप जलायें आओ ऐसा दीप जलायें छोटा सा माटी का दीपक, नन्हा जुगनू प्यारा रात रात भर खुद जल जलकर, फैलाता उजियारा आओ हम […]

सामाजिक

रिश्ते…!!

रिश्ते तब तक नहीं उलझते जब तक आप उसमे जी रहे होते, सिक्के के दो पहलू जहाँ हम साथ तो चलते लेकिन देख नहीं सकते, फिर भी एक विश्वास के साथ एक जगह मिल रहे होते । जीवन के मापदंड में केवल “मै” सही नहीं होता, कभी “तुम” और “हम” के अह्स्सासो को मौन भी […]