Monthly Archives: May 2019

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    वक़्त वक़्त की बात है, नसीबों का खेल है, बंजर दिल पर प्यार का बीज बोते देखा है। मैंने सुना था पत्थरों को दर्द नहीं होता, पर मैंने एक पत्थर दिल को रोते देखा है। दिल...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    जब  इश्क़ के असर में रहा। बहुत सबकी नज़र  में  रहा, यार  मेरे  पत्थर, पर  उनके, संग  शीशे  के  घर  में  रहा। सांस चली  जिस  पल  तक, केवल  मौत  के डर  में रहा। रब का साथ...

  • क्षण

    क्षण

    कुछ क्षण – जीवन में छोड़ जाते हैं अनगिनत सुखद आयाम | और बिखर जाते हैं – वातायन के निलय में- तारों की भाँति | कुछ क्षण – जीवन को भर देते हैं , विषैले दंशों...

  • रिश्ता

    रिश्ता

    गगन एक मध्यम वर्गीय सुदर्शन युवक था । फिल्मों का असर कहो या उम्र का, किशोरावस्था से युवावस्था की दहलीज पर आते-आते उसके दिल में भी एक अदद गर्लफ्रेंड् बनाने की कवायत कसमसाने लगी। और संयोग...

  • एहसास

    एहसास

    किशोरावस्था शायद होती ही ऐसी है कि दिल नित नए सपने देखने लगता है ! बचपन से किताबों से दिल लगाने वाली सुमि भी इस नए एहसास से अछूती ना रही ! बाहरवीं के पेपर हो...


  • फटाक-फटाक- 8

    फटाक-फटाक- 8

    तेजी से बदलते इस युग में खबरें भी तेजी से बदलती रहती हैं. तेजी से बदलती इन खबरों को सहेजने के लिए प्रस्तुत है एक नवीन प्रयास फटाक-फटाक. फटाक-फटाक के इस अंक में ढेर सारी सकारात्मक...



  • रिश्ते…!!

    रिश्ते…!!

    रिश्ते तब तक नहीं उलझते जब तक आप उसमे जी रहे होते, सिक्के के दो पहलू जहाँ हम साथ तो चलते लेकिन देख नहीं सकते, फिर भी एक विश्वास के साथ एक जगह मिल रहे होते...