विश्व हास्य दिवस

कल यानी 5 मई को वर्ल्‍ड लॉफ्टर डे था. वर्ल्‍ड लॉफ्टर डे यानी विश्व हास्य दिवस. यह वर्ल्‍ड लॉफ्टर डे आज से 21 साल पहले डॉ. मदान कटारिया द्वारा शुरु किया गया था. यानी यह निहायत देसी दिवस है, जो अब वर्ल्‍ड लॉफ्टर डे बन गया है. दुनिया में हास्य योग शुरू करने वाले डॉ. कटारिया बोले- ‘एक बार मोदी को खुलकर हंसाना चाहता हूं’.

वास्तव में असली हंसी आपके दिल के रास्ते होकर आपकी आंखों में झलकती है. और यह हंसी आपकी आंखों में नमी ले आती है. हंसने से आप अपने आप को बहुत ही रिलैक्स महसूस करते हैं. हंसना कई मर्ज की दवा है. हंसी हमारे शरीर की मांसपेशियों, आंख, जबड़ा और हृदय की मांसपेशियों को आराम देती है. यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के एक शोध के अनुसार, खुलकर हंसने वालों का रक्त संचार काफी बेहतर रहता है. 10 मिनट तक ठहाके लगाकर हंसने से आपको 2 घंटे तक दर्द से राहत मिल सकती है. साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि जो लोग अधिक हंसते हैं वे लंबे समय तक युवा दिखते हैं.

मुंबई में रहने वाले वैश्विक हास्य योग आंदोलन के प्रणेता डॉ. कटारिया चाहते हैं कि दुनिया का हर इंसान खूब हंसे. आज भारत समेत दुनिया के 108 देशों में लाफ्टर क्लब खुल चुके हैं. 25 हजार से ज्यादा स्टूडेंट्स के गुरु डॉ. कटारिया की ये हंसी की पाठशालाएं बिना फीस के चलती हैं. वे कहते हैं, ‘‘अगर आपका काम बड़ा है तो आपका नाम रहती दुनिया तक कायम रहेगा. मैं तो आपको और दुनिया को बस हंसते हुए देखना चाहता हूं इसीलिए इस बार विश्व हास्य दिवस पर हम ‘अच्छा स्वास्थ्य, मन की खुशी और विश्व शांति’ थीम को बढ़ावा दे रहे हैं.’’

डॉ. कटारिया ने हंसी को योग से जोड़ने के विचार का प्रचार-प्रसार किया. उनका कहना है-

”जब हमारा बनावटी से असली हंसी का तरीका सफल हो गया तो हमने हास्य के व्यायाम बनाना शुरू किए. वास्तव में हंसी तो एक ब्रीदिंग एक्सरसाइज है. योगगुरु बताते हैं कि आसन करते समय जितनी हवा अंदर जाती है, उससे दोगुनी निकालनी चाहिए, क्योंकि हमारे फेफड़ों में रेसिड्युअल हवा भी होती है.”

कुछ चुटकुले-
बेटे की कटी उंगली और ममी

बेटा: मां, मेरी उंगली कट गई। क्या लगाऊं?
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मां: वॉट्सऐप पर स्टेटस लगा, स्टेटस!
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पप्पू को पता लगी अपनी वैल्यू
मुझे अपनी सही वैल्यू उस समय पता चली जब….
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कस्टमर केयर वाली मैम ने कहा, ‘आपका कॉल हमारा लिए महत्वपूर्ण है.’
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वॉट्सऐप के कारण आगे जाएगी दुनिया
ट्रेन में दो मुसाफिर बातें कर रहे थे.

पहला: यह वॉट्सऐप इंसान को बहुत आगे ले जाएगा.

दूसरा: वह कैसे?

पहला: मुझे ही देख लीजिए। दो स्टेशन पहले उतरना था.

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याद रखिए-
हंसना बहुत सी बीमारियों का इलाज है, इसलिए योग कराने के बाद अनिवार्य रूप से हंसना चाहिए. हंसना-हंसाना पुण्य का काम तो है ही, यह नेमत प्रभु ने केवल इंसान को ही दी है. इसलिए हंसिए, हंसिए, खूब हंसिए.


 

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।