यादों के झरोखे से-6

मां की महिमा- दो गीत
मदर्स डे पर विशेष

1.मां की महिमा
हे मां हमें तेरे चरणों में, सुख तीन लोक का मिलता है
मिटें पाप-ताप-संताप यहां, मन-सुमन यहीं पर खिलता है-

1.हमें तूने ही है जन्म दिया, दुनिया तूने दिखलाई है
अब तो जिस ओर नज़र जाए, बस देती तू ही दिखाई है
नज़रों में (2) उजाले भर जाते, जब मुखड़ा तेरा दिखता है-हे मां हमें–

2.हम जहां रहें जैसे भी रहें, तुझको न भुला पाएंगे मां
तुझसे ही वजूद हमारा है, हम आभारी हैं तेरे मां
तेरा कोमल कर (2) सिर पर जो रहे, दुःख-दर्द का पर्वत हिलता है-हे मां हमें–

इस गाने को आप इस लिंक पर वीडियो के रूप में देख-सुन भी सकते हैं.

2.मां का नाम है अनमोल
मां का नाम है अनमोल, मां का काम है अनमोल
मां की गोद है नूरानी, मां का धाम है अनमोल-

1.सीख मिली मां से ही मुझको, इंसां बन रहने की
हिम्मत मां से ही पाई है, सच को सच कहने की
मां के मीठे-मीठे बोल, मन में मिश्री देते घोल-मां की गोद है नूरानी—–

2.मां के प्यार ने हरदम मुझको, गोद में ले हर्षाया
मां की डांट ने भी मुझको है, नूतन पथ दिखलाया
देती सब भेदों को खोल, कहती तनिक न बेटा डोल-मां की गोद है नूरानी—–

3.मां तेरी सूरत ही मुझको, मेरी पहचान बताती
तेरी पूजा ही मां मेरी, पूजा है बन जाती
तेरे बिन मैं ज़ीरो गोल, तेरे मन में न कोई झोल मां की गोद है नूरानी—–

पाठकों के लिए काम-
पहले गीत की धुन हमने आपको बता दी है, आप दूसरे गीत की धुन हमको कामेंट्स में बताइए-

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।