मोदी जी के चुनावी अभियान से हम क्या सीखें?

दोस्तों हमारे देश में चुनाव खत्म हो चुके हैं, नेताओं की आवाजाही, प्रचारों का हो हल्ला, मुद्दों की बातचीत, हंगामे, शोरगुल, नारे सब लगभग समाप्त हो चुके हैं! चुनावों के परिणाम वर्तमान सरकार के पक्ष में आये हैं, और पहले से भी ज्यादा सीटों के साथ भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार केंद्र पर पुनः काबिज होने जा रही है!

भारत में इसबार चुनावों में कई अहम् मुद्दे थे, चाहे राष्ट्रीय सुरक्षा हो या किसानों की समस्या, चाहे महिलाओं का सम्मान हो या युवाओं को रोजगार, गरीबो की तकलीफें हों या शिक्षा का आभाव! भारत की जनता को जिन मुद्दों पर सरकार सही लगी उन मुद्दों के लिए जनता ने भारत की वर्तमान सरकार पर भरपूर विश्वास जताया और पहले से भी प्रचंड बहुमतों के साथ नरेन्द्र मोदी को देश का प्रधानमंत्री चुना!
इस पूरे चुनावी अभियान में नरेन्द्र मोदी केंद्रबिंदु की तरह स्थापित रहे, कोई भी अन्य दल और यहाँ तक की स्वयं उनका दल उनके प्रभाव से अछूता नहीं रहा! एक ऐसा कुशल नेतृत्व जिसकी क्षमताओं और प्रशासनिक सूझबूझ की दीवानगी जनता में पर्याप्त रूप से देखने को मिली! इस अपार सफलता और विजय श्री का सारा श्री प्रधानमंत्री जी की अथक मेहनत, मजबूत इरादों और काम करने के उनके जज्बे को जाता है!
हम जैसा कि जानते हैं, भारत वैविध्यता पूर्ण देश है, यहाँ समाज के अनेकों अंग हैं, अनेकों रूप रंग हैं, जाति समुदाय, संगठन के अनेकानेक आयाम हैं, इस सबके बाद भी इसबार जैसे जनता ने सबसे ऊपर प्रधानमंत्री की छवि, उनकी कड़ी मेहनत और दमदार व्यक्तित्व को ही रखा! कह सकते हैं कि एक व्यक्ति के नाम पर सब एक हो गए, सहमत हो गए! ये जज्बा ये पराक्रम ये मेहनत ये सूझबूझ ये निष्ठा आखिर किस ऊर्जा केंद्र से उद्घाटित हुयी है इसे जानने का चाव सबको बहुत होता है!
खासकर नौजवानों और युवाओं के इस देश में यह चाव कुछ अधिक ही है, वे अपने क्षेत्र में भी प्रधानमंत्री मोदी जी की तरह ही भव्य सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं! वे चाहते हैं कि वे जीवन के अपने लक्ष्यों को इसी आकार में पूरा करें जैसे कि नरेन्द्र मोदी जी करते हैं, बच्चा बच्चा मोदी जैसा बनना चाहता है, बच्चा बच्चा मोदी जैसा करना चाहता है! लेकिन बता दें… अपने क्षेत्र का नरेन्द्र मोदी बनने के लिए जीवन में कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर ध्यान देना बहुत आवश्यक है, मोदी जी जैसा प्रभावशाली बनने के लिए मोदी जी जैसा प्रभावशाली परिश्रम करना नितांत आवश्यक है!

आइये जाने हैं, नरेन्द्र मोदी जी के जीवन से कैसे प्रेरणा पा सकते हैं हम और आप-
1. अथक परिश्रम करें
2. अच्छे बुरे के भेद को समझें और सही दिशा चुनें
3. साफ़ सफाई का ध्यान रखें
4. कुछ बनने के लिए नहीं कुछ कर गुजरने के लिए काम करें
5. लक्ष्य से एक क्षण भी नजरें ना हटायें
6. सूझबूझ और समझदारी का परिचय दें
7. विपरीत परिस्थितियों को अवसर में बदल दें
8. समय का ध्यान रखें
9. अपने लिए समय निकालें
10. योग प्राणायाम का अभ्यास करें
11. सकारात्मक और समभाव रखें
12. कठिन समय में धैर्य ना खोएं
13. गुरु और माता पिता का सम्मान करें
14. आप जहाँ से आये हैं उसे हमेशा याद रखें
15. अपनी विचारधारा को थोपें नहीं बल्कि उसे समझाएं
16. किसी स्वार्थ से वशीभूत अपने फायदे के लिए कुछ न करें
17. सबके लिए सोचें
18. सही साथी का चयन करें
19. सही समय पर सही बात करें
20. मन को शांति दे ऐसे कार्य को समय दें

परिचय - सौरभ कुमार दुबे

मैं, स्वयं का परिचय कैसे दूँ? संसार में स्वयं को जान लेना ही जीवन की सबसे बड़ी क्रांति है, किन्तु भौतिक जगत में मुझे सौरभ कुमार दुबे के नाम से जाना जाता है, कवितायें लिखता हूँ, बचपन की खट्टी मीठी यादों के साथ शब्दों का सफ़र शुरू हुआ जो अबतक निरंतर जारी है, भावना के आँचल में संवेदना की ठंडी हवाओं के बीच शब्दों के पंखों को समेटे से कविता के घोसले में रहना मेरे लिए स्वार्गिक आनंद है, जय विजय पत्रिका वह घरौंदा है जिसने मुझ जैसे चूजे को एक आयाम दिया, लोगों से जुड़ने का, जीवन को और गहराई से समझने का, न केवल साहित्य बल्कि जीवन के हर पहलु पर अपार कोष है जय विजय पत्रिका! मैं एल एल बी का छात्र हूँ, वक्ता हूँ, वाद विवाद प्रतियोगिताओं में स्वयम को परख चुका हूँ, राजनीति विज्ञान की भी पढाई कर रहा हूँ, इसके अतिरिक्त योग पर शोध कर एक "सरल योग दिनचर्या" ई बुक का विमोचन करवा चुका हूँ, साथ ही साथ मेरा ई बुक कविता संग्रह "कांपते अक्षर" भी वर्ष २०१३ में आ चुका है! इसके अतिरिक्त एक शून्य हूँ, शून्य के ही ध्यान में लगा हुआ, रमा हुआ और जीवन के अनुभवों को शब्दों में समेटने का साहस करता मैं... सौरभ कुमार! कविता मेरा जीवन सार मेरी भावना का विस्तार छंद छंद में नयी कल्पना नयी क्रांति हेतु उदगार