Monthly Archives: June 2019



  • चल दिया

    चल दिया

    खाया पिया चल दिया पूछा, क्यों भाई क्या हुआ? क्यों भोजन से मुँह फेर लिया? क्यों थाली को खिसका दिया। वह बोला, भोजन बेकार है इसे गधे भी नहीं खा सकते इंसान की क्या औकात है?...

  • फिर सदाबहार काव्यालय- 27

    फिर सदाबहार काव्यालय- 27

    बचपन याद आता है अमवा की छाँव तले वो सहेलियों संग गप्पे लड़ाना, फिर मौका पा कर नमक के साथ कच्ची कैरी चबाना. दिन-दुपहरी भाग कर घर के पिछवाड़े सहेलियों संग जाना , और पीपल की...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    (१) प्यार की बातें करता हूं मैं ,प्यार ही मेरा पेशा है । पर उनकी क्या बात करूं मैं,जिनको सब कुछ पैसा है। प्यार से ही तो प्रियवर देखो मुरली का इतिहास बना, प्यार जहां है...


  • बौद्ध मत में  अंधविश्वास

    बौद्ध मत में अंधविश्वास

    आजकल अम्बेडकरवादी बौद्ध मत को वैज्ञानिक बताते हैं. यह बौद्ध अन्धविश्वास को भूल जाते हैं. चित्र में श्रीलंका के मन्दिर का दृश्य है. इसमें बुद्ध का दांत है जिसकी आज भी पूजा की जाती है. इस...

  • कहानी- वंदे मातरम्

    कहानी- वंदे मातरम्

    आज कल्याण और अनवर में “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” इन शब्दों लेकर बहस छिड़ गई। अॉफिस में लंच का समय था। सभी लोग अपने-अपने मोबाइल पर भारत और पाकिस्तान का रोमांचक मैच देख...

  • अभी तक मौन हूं

    अभी तक मौन हूं

    मर रहा इंसानियत हो रही हैवानियत लूट रही अस्मित टूट रही सांस छूट रही आस गिर रहा विश्वास रूकता नही प्यास टकटकी लगा आस सरकार से निराश रूका हुआ विश्वास मैं आखिर कौन हूं , आम...

  • एकांकी पीपल

    एकांकी पीपल

    मेरे घर में भी था एक पीपल का पेड़! आस-पड़ोस, नाते-रिश्तेदार, सभी उसकी निर्मल छाया में ऐसे आकर बैठते थे, मानों उसका आशीर्वाद ले रहे हों ! पड़ोस के बच्चों को तो मानों उसके तले सारे...