क्षणिका

राजनीतिक दल: आधुनिक बच्चे!

ये राजनीतिक दल कोई सूरज-चांद तो हैं नहीं,
जो एक के आने पर दूसरा चला जाएगा.
ये तो वे बहाने हैं,
जो पल-पल बदलते रहते हैं,
सुबह एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते हैं,
अपने बेटे की हार जिम्मेदारी दूसरे पर डालते हैं,
शाम को एक दूसरे के गलबहियां डालते हैं,
मिठाइयां खाते-खिलाते हैं.
ये राजनीतिक दल हैं या आधुनिक बच्चे!

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “राजनीतिक दल: आधुनिक बच्चे!

  1. यह क्षणिका नवभारत टाइम्स के समाचार ‘राजस्थान: दिन में हार की जिम्मेदारी पायलट पर डाली, शाम को साथ गुफ्तगू करते दिखे गहलोत’ पर आधारित है.

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