गीत/नवगीत

न्याय मांगती ट्विंकल शर्मा

हम सबने लखनऊ दे दिया, दे दी दिल्ली-काशी
मोदी भइया, रेपिस्टों को ,अब दिलवाओ फाँसी ।

तुमने केवल बहुमत मांगा, मगर तीन सौ पार दिये।
राष्ट्र द्रोहियों के जितने दल, सात समुंदर पार किए।
तुष्टिकरण को दिखा आइना,सारे भ्रम को दूर किए,
नौटंकी बाजों को केरल जाने को मजबूर किए।

इससे पहले हो हिंदू की आँख लहू की प्यासी
मोदी भइया रेपिस्टों को तुम दिलवा दो फाँसी ।।

नारा ,वादा और इरादा लगने लगा शगूफा,
जो लगते थे देश विरोधी, अब लगते हैं फूफा,
जिसने तुमको सत्ता सौंपी,उस पर चुप्पी साधे
जिसने गाली दिया सांसभर,देने चले वजीफा ।

ट्विंकल पूछे,”और बनोगे, तुम कितने मृदुभाषी”?
मोदी भइया रेपिस्टों को अब दिलवा दो फाँसी ।।

— सुरेश मिश्र

परिचय - सुरेश मिश्र

हास्य कवि

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