सौदा

सौदा
” यार… क्या पटाखा हैं वो…… ”
” अबे किसकी बात कर रहा हैं, साफ साफ बोल ”
” अरे.. वो जो नयी नयी आयी हैं……, क्या लगती है, पतली कमर, बलखाती चाल, और…. ”
” और क्या??? आगे तो बोल ”
” हाँ, हाँ… अरे क्या बोलु आखें बड़ी बड़ी, काले काले बाल हवा में उडते हुए….. कुल मिला कर पटाखा है, “l
तभी मानक आता और पुछता है” किसकी बात कर रहे हो ”
बंटी आया है बता रहा की नयी लडकी आयी है पढ़ने आखरी साल की कक्षा में l
मानक कॉलेज का गुंडा हैं, सारे काम वो करता है सभी डरते हैं लेकिन फिर भी सारी लड़कियां उस पर फिदा है क्योकीं वो दिखने में अच्छा है l मानक उस नयी लड़की को पटाने की सोच लेता हैं नाम उसका मोहिनी हैं l
अगले दिन से उसके सारे गलत काम बंद और मोहिनी को आकर्षित करने के जतन शुरू, पहले तो मोहिनी ने उस पर ध्यान नहीं दिया पर एक दिन किसी लड़कें से उसको बचाया तब दोनो दोस्त बने l
दिन निकलते गये उनकी दोस्ती गहरी होती जा रही थी कब ये दोस्ती प्यार में बदल गयी नहीं मालुम हुआ दोनो को l उनको अक्सर साथ में कभी बगीचें, होटल, सिनेमा हॉल, यहां वहां देखा जाता दोनो प्यार में ही खोये रहते l एक दिन मानक को फोन आता है वो बस मुस्करा कर फोन सुन बात खत्म करता है l मोहिनी ने पुछा ” किसका था फोन जो मुस्करा रहे हो कोई खास” l
” नहीं कोई खास नहीं मेरे दोस्त का था वो हमको दिल्ली बुला रहा है और शादी का पुछ रहा है “l
” तो, देर किस बात की कल चलते हैं, वहीं हम अपने अपने माता पिता को बुला कर वहीं मंदिर में शादी भी कर लेते है “l
कुटिल मुस्कान दोनो के चेहरे पर, पर दोनों ने नहीं देखी l
अगले दिन दिल्ली, उसी दोस्त के घर दोनों जाते है l वहां भी दोनों कुछ दिनों तक घुमते, सारी शादी की खरीदी, करते है तय दिन पर मंदिर में शादी के लिये सभी एकत्रित होते है, दोनों खुश दोनों का सपना पुरा हो रहा था l
तभी एक रोबदार आदमी आता और कहता है ” मानक अबकी तो तु माल चोखा लाया रे!!!! बोल इसके कितने दु, देख इसका आगे भी अच्छा मिलेगा, आजा काम कर दे इसको मुझे और ले जा रूपया” l
मानक आगे जाने वाला होता है तभी मोहिनी बोली ” मानक तुम मेरे माता पिता से और मेरे परिवार से तो मिलो, तुम ही क्यों आप सभी मिलो…… यहां सब पुलिस है वो भी खास दस्ता, बहुत शिकायत आ रही थी सीमा पर से लड़कियों के बिकने की और तुम पर शक तो था ही और आज तुम और तुम्हारे साथी हमारी पकड में, तुम सभी का सौदा तो हो गया, मैंने किया वो भी जनता से और उन मासुम लड़कियों से जिनकी ज़िन्दगी तुमने खराब की “l
सारिका औदिच्य