कहानी

कहानी – बदलती पतवार 

अजीब सी कसमसाहट सी थी। आज ! कितने बरस बाद फिर मैं आयी थी उस गाँव में। बरस बाद! हाँ लगभग बीस बरस बाद ! यादें फिर भी अभी तक  धुधँली न हुई । वही खपरैल से बना घर था, जिस को कुछ रंग बिरंगे कागज़ की लड़ियों से सजा रखा था । उसके चारों ओर सुन्दर […]

कविता

कविता- अभी मौत बाकी है

चौथा स्तंम्भ से हूं विश्वास रखो अभी बहुत ईमानदारी भरा है, जो हर पल सच लिखने की चाहत करता है, मगर दुख की बात है कलम को तोड़ कर फेक दिया जाता है, हर पल सच जलील किया जाता है कुछ जिदां जला दिये जाते है, कुछ खरीद लिये जाते है आप विश्वास रखो मैं […]

गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका

यहाँ न तिनके जोड़ परिंदे अपना नीड़ बनाने को | तेरे श्रम से क्या लेना है इस बेदर्द जमाने को || पत्थर जैसी दुनिया है यह पत्थर जैसे लोगों की | इनके आगे रोना मत तू अपना दर्द सुनाने को || बगुलों कि भरमार बहुत है हंसों कि इस टोली में | देख कहीं न […]

गीतिका/ग़ज़ल

गीतिका

यूं न उम्र गुजारा करना इंतजार में। हर आशिक को नहीं मिलती है मंजिल प्यार में ।। उग आए गर फूल चांदी के सूखे चेहरे पे । सोच समझ कर भीगें फिर रिमझिमी फुहार में।। दिल का तोहफा सोच समझ कर किसी को देना तुम । चुभन भयंकर होती है बिछुड़न के खार में । […]

राजनीति

उ0प्र0 की राजनीति में मायावती का करबट बदलना  

भारतीय राजनीति में कदम रखने के बाद पहली बार जब 2014 में बहिन मायावती का हाथी शून्य पर आ गया तो बसपा के रणनीतिकारों की ही नहीं देश के बड़े बड़े राजनीतिक पण्डितों मीडिया के विश्लेषकों को चौंका दिया।चुनाव पूर्व के और बाद के अनुमान धरे के धरे रह गये।स्वंय मायावती जी को ऐसा अनुमान […]

कविता

दिलखुश जुगलबंदी- 17

हौसले का कद बढ़ाओ हौसलों के पंख लगा कर उड़ो, पर्वत की कलगी भी, तुम्हारा स्वागत करने को तैयार है, हौसलों की साँसें न टूटने दो, हर मुकाम तुम्हारे लिए बेकरार है, हौसले का कद बढ़ाओ, हर कदम तुम्हारे लिए उपहार है, हौसले की जीत को गले लगाओ, यह जीत कर सकती जग का उपकार […]

मुक्तक/दोहा

मुक्तक

शीर्षक -दीवार,भीत,दीवाल “मुक्तक” किधर बनी दीवार है खोद रहे क्यूँ भीत। बहुत पुरानी नीव है, मिली जुली है रीत। छत छप्पर चित एक सा, एक सरीखा सोच- कलह सुलह सर्वत्र सम, घर साधक मनमीत।। नई नई दीवार है, दरक न जाए भीत। कौआ अपने ताव में, गाए कोयल गीत। दोनों की अपनी अदा, रूप रंग […]

राजनीति

सेकुलर ताकतों की विकृत मानसिकता का खेल जारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोबारा सत्ता में आने के बाद जब से ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के नारे के अनुसार विश्वास बहाली की राजनीति को आगे बढ़ाने का प्रयास शुरू किया है, तब से सेकुलर ताकतों जो मुसलमानों को केवल अपना वोट बैंक मानकर चल रही थीं, का रवैया अभी तक नहीं बदला […]

समाचार

साहित्यकार मंजु गुप्ता का मालवा में साहित्यिक सम्मान 

वाशी , नवी मुंबई की प्रसिद्ध सेवा निवृत्त शिक्षिका , मुख्याध्यापिका , सौम्य साहित्यकार , कवयित्री , शिक्षाविद डॉ . मंजु गुप्ता  को मध्यप्रदेश का दिल इंदौर की शुभसंकल्प संस्था की अध्यक्ष , आयोजक   डॉ सुनीता श्रीवास्तव (रिपोर्टर ,साहित्यकार) द्वारा अंर्तराष्ट्रीय हिंदी लिटरेचर की शील्ड, कन्वोकेशन परिधान , प्रमाणपत्र  से सम्मानित किया गया तथा  वहाँ […]

कविता

कविता

तुम मुझे तलाशना अपनी अभिव्यक्ति में ही , मैं तुमको मिलूंगा तुम में ही। सोचना,विचारना छोड़कर बस थोड़ा समझना मुझे और मेरे विचार को, मैं मिलूंगा तुमको तुम में ही। मेरे भावों को अपने हृदय पटल पर संजोना स्वयं की अनुभूति में मैं मिलूंगा तुमको तुम में ही। अगर फिर भी न मिलूं मैं तुम्हे […]