Monthly Archives: July 2019


  • दिशाहीन भीड़

    दिशाहीन भीड़

    खौफनाक मंजर समेटे सरपट दौड़ती भागती वो भीड़… बस बर्बादी का निशाना लिये चारों तरफ हाहाकार मचाती वो भीड़ … जो भी आया सामने सब खत्म करती वो भीड़ … मानवता की दुश्मन क्या बच्चे क्या...


  • मलय-हिमालय-विंध्य-सतपुड़ा

    मलय-हिमालय-विंध्य-सतपुड़ा

    मलय-हिमालय-विंध्य-सतपुड़ा अंबर धरा पे लाते हैं अरब-हिन्द-बंगाल के मोती, तेरे पग सहलाते हैं जय भारती! हे भारत माँ! हम तेरे ही गुन गाते हैं। आज शहीदों के सपनों को, सच करके दिखलाएँगे माता की चुनर सजाने...

  • समंदर

    समंदर

    जैसे हैं बादल गगन पर वैसे हैं सागर की लहरें दोनों का तन-मन सुहावन करती हैं सूरज की किरणें जैसे सुबहें होंगी दुपहर वैसे संध्या होंगी रातें जब भी रोते हैं वे बादल चुपके सहता है...

  • वो यमुना किनारा

    वो यमुना किनारा

    बहुत याद आता है मुझको वो यमुना किनारा। वो नीला सा पानी,वो बहती सी धारा। वो पावन सी भूमि,वो मथुरा हमारा।। सुबह सवेरे वो मन्दिर को जाना, वो यमुना किनारे घँटों बिताना।। वो बचपन की मस्ती,वो...

  • हे शिव शम्भू अंतरयामी

    हे शिव शम्भू अंतरयामी

    हे सदा शिव, हे अंतरयामी हे महाकाल, हे त्रिपुरारी हे शशि कपाल धारक हे प्रभु कष्ट निवारक हे नागेश्वर, हे रुद्राय हे नीलकंठ, हे शिवाय हे शिव शम्भू, हे प्रतिपालक हे दयानिधि हे युग विनाशक हे...

  • गीत – कलम/लेखनी/तूलिका

    गीत – कलम/लेखनी/तूलिका

    कलम कहीं कब रुक पाती है ,नभ में परे उड़ान ।  कह जाती है प्रीत दिलों की ,नयन लिए अरमान । आड़े-तिरछे शब्द उकेरे , भर-भर उर में  भाव । अनबुझ,गहरे इन शब्दों से,मेरा रहा लगाव...

  • सावन है आया

    सावन है आया

    सावन है आया बम बम भोले कोई शिव बोले सावन है आया, सिर पे जटा है चंदा की छटा है गंगा को समाया, शिव की शक्ति है मन में भक्ति है सावन जो लाया, हे ओंकारेश्वर...