लघुकथा

लघुकथा – सभ्य समाज का सभ्य रैकेट

महिला मोर्चा संगठन  नाम तो बडा सशक्त और कवर पिक भी स्टेज पर सम्मान लेती महिलायें ..इस नाम से रिक्वेस्ट आती है रूचिका को  ..देखती है उसमें बहुत सी म्युचुअल फ्ररेन्ड एड थी वह फ्ररेन्ड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेती है । अगले दिन से इस महिला के अश्लील मैसैजस आने शुरू हो जाते है ,यहाँ […]

कविता

दिशाहीन भीड़

खौफनाक मंजर समेटे सरपट दौड़ती भागती वो भीड़… बस बर्बादी का निशाना लिये चारों तरफ हाहाकार मचाती वो भीड़ … जो भी आया सामने सब खत्म करती वो भीड़ … मानवता की दुश्मन क्या बच्चे क्या बूढे सबको रोंदती वो भीड़…. कभी वाहन  कभी जिन्दा इन्सान बेदर्दी से जलाती वो भीड़… नवसृजन करती माँ के […]

लेख सामाजिक

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 का पास होने के मायने

मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 का पास होने के मायने   पिछले दिनों लोक सभा ने ध्वनिमत से और आज राज्य सभा ने 84 के मुकाबले 99 मतों से तीन सालों से प्रतीक्षित अनेक आकांक्षाओं सपनों को लिए मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 को पास कर दिया।विपक्ष द्वारा लाये गये तीनों […]

गीत/नवगीत

मलय-हिमालय-विंध्य-सतपुड़ा

मलय-हिमालय-विंध्य-सतपुड़ा अंबर धरा पे लाते हैं अरब-हिन्द-बंगाल के मोती, तेरे पग सहलाते हैं जय भारती! हे भारत माँ! हम तेरे ही गुन गाते हैं। आज शहीदों के सपनों को, सच करके दिखलाएँगे माता की चुनर सजाने को, बलि-वेदी पर मिट जाएँगे हो तेरी जय-जयकार सदा, हम ऐसा गीत सुनाते हैं हम तेरे ही गुन गाते […]

कविता

समंदर

जैसे हैं बादल गगन पर वैसे हैं सागर की लहरें दोनों का तन-मन सुहावन करती हैं सूरज की किरणें जैसे सुबहें होंगी दुपहर वैसे संध्या होंगी रातें जब भी रोते हैं वे बादल चुपके सहता है समंदर

कविता

वो यमुना किनारा

बहुत याद आता है मुझको वो यमुना किनारा। वो नीला सा पानी,वो बहती सी धारा। वो पावन सी भूमि,वो मथुरा हमारा।। सुबह सवेरे वो मन्दिर को जाना, वो यमुना किनारे घँटों बिताना।। वो बचपन की मस्ती,वो बहता सा पानी।। बहुत याद आता है मुझ को यमुना किनारा। वो बहनों के संग में यमुना पर जाना,ठाकुर […]

कविता पद्य साहित्य भजन/भावगीत

हे शिव शम्भू अंतरयामी

हे सदा शिव, हे अंतरयामी हे महाकाल, हे त्रिपुरारी हे शशि कपाल धारक हे प्रभु कष्ट निवारक हे नागेश्वर, हे रुद्राय हे नीलकंठ, हे शिवाय हे शिव शम्भू, हे प्रतिपालक हे दयानिधि हे युग विनाशक हे गौरी पति,हे कैलाशी हे काशी वासी,हे अविनाशी हे पिनाकी ,हे कपाली हे कैलाशी, हे जगतव्यापी हे गंगाधराय, हे जटाधराय […]

गीत/नवगीत

गीत – कलम/लेखनी/तूलिका

कलम कहीं कब रुक पाती है ,नभ में परे उड़ान ।  कह जाती है प्रीत दिलों की ,नयन लिए अरमान । आड़े-तिरछे शब्द उकेरे , भर-भर उर में  भाव । अनबुझ,गहरे इन शब्दों से,मेरा रहा लगाव । रंग बिखेरे सतरंगी भी  ,जब मन हो वीरान । कह जाती है प्रीत दिलों की ,नयन लिए अरमान […]

कविता पद्य साहित्य

सावन है आया

सावन है आया बम बम भोले कोई शिव बोले सावन है आया, सिर पे जटा है चंदा की छटा है गंगा को समाया, शिव की शक्ति है मन में भक्ति है सावन जो लाया, हे ओंकारेश्वर हे महाकालेश्वर सबको है भाया, कालों के हो काल प्रभु  महाकाल कष्टों को भगाया, हर हर गूंजे घर घर […]

कविता

पापा मुझको मारना मत

पापा मुझको मारना मत ******* भरा हुआ है अपना आँगन, बारिस के पानी से, नाव बनाया कागज की, फाड़ के अपनी कापी से। डूब गये हैं कई अभी तक, मगर बनाये जाता हूँ, आधा पेज हुआ है गायब, पापा अपनी कापी से।। डर लगता है बहुत आपसे, आप बहुत मारेंगे, आया गुस्सा अगर आपको, रौद्र […]