Monthly Archives: August 2019

  • हाइकु

    हाइकु

    ललही छठ की हार्दिक बधाई “हाइकु” ललही छठ लालन को आशीष माँ को नमन।। जै छठ मैया मंगल दायिनी माँ पग वंदन।। महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी




  • समय

    समय

      माँ ने आँगन में जो बोए थे सपनो के पौधे कभी, वक्त की कंकरीट के आगे वो पौधे ही उजड गए। पिता ने जो उम्मीद का दामन थामा था कभी, वो उम्मीदे घर छोड़,नया असियां...

  • तिरंगा

    तिरंगा

      रवि और उसका बेटा गुड्डू आज 15 अगस्त की छुट्टी के दिन अपनी कार में बैठकर एंजॉय करते हुए बाहर घूम रहे थे और गुड्डू जगह जगह रुककर पूरे शहर का मजा ले रहा था।...

  • कान्हा की मुरली

    कान्हा की मुरली

      कान्हा पूछ रहे है राधा से,बताओ मुरली कहाँ छुपाई। कान्हा को परेशान देखकर,राधा मन ही मन मुस्काई। कान्हा तुम मुझसे मिलने पल दो पल ही तो आते हो। यहाँ आकर भी मुरली सौतन को छोड़...

  • मां की ममता

    मां की ममता

    मां की कोख हमें, दुनिया के गुण सिखाती है। मां की लोरी हमे, प्यारी नींद सुलाती है। मां अपने कदमों से हमें चलना सिखाती है। मां ममता की मूरत है, हमें प्यार करना सिखाती है। मां...

  • कुत्ता कहीं का…

    कुत्ता कहीं का…

    वह बार-बार “हट! हट!” करती जा रही थी, लेकिन वह लगातार उसके पीछे-पीछे चल रहा था । कालोनी की इस सड़क पर काफी अँधेरा था, सो अब तो राधिका को डर लगने लगा था । उसने...

  • दाम

    दाम

    उन सबके मुख पर गुस्सा यूँ खदबदा रहा था, मानों अभी वहाँ से लावे की धार फूट पड़ेगी और मिस्टर बंसल को जला कर भस्म कर देगी । ” इसीलिए तो कहते हैं भाई साहब !...