कुछ कृष्ण भजन

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ कृष्ण भजन

भजन 1.श्यामा इतनी-सी आस अघा देना

मेरे जीवन को सरल बना देना, श्यामा इतनी-सी आस अघा देना-

1.मन निर्मल हो कपट से दूर रहे
प्रेम-प्यार से सदा भरपूर रहे
बस आनंद की सरिता बहा देना, श्यामा इतनी-सी आस अघा देना-

2.सद्भाव सदा मेरे साथ रहे
सिर पर प्रभु तेरा हाथ रहे
जीवन को निर्भय बना देना, श्यामा इतनी-सी आस अघा देना-

3.मुश्किल से कभी भी न घबराऊं
जीवन में कभी भी न इतराऊं
विश्वास का दीप जला देना, श्यामा इतनी-सी आस अघा देना-

4.आडंबर से मैं मुक्त रहूं
कल्याण-भाव से युक्त रहूं
निरपेक्ष राह दिखला देना, श्यामा इतनी-सी आस अघा देना-

(तर्ज़-मेरे मुख से सदा तेरा नाम निकले, हर घड़ी हर पल सुबह-शाम निकले—–)

 

भजन 2.मोहन मुरलीवाले, मोहन मुरलीवाले

मनमोहन ने मोह लिया मन, बन गए सबके प्यारे
आज जन्मदिन मोहन का है, बरसेंगे रस-धारे-
मोहन मुरलीवाले, मोहन मुरलीवाले (2)

1.देवकी मां ने जन्म दिया, यशोमति ने उनको पाला
वसुदेव-नंदन होकर भी कहलाए वे नंदलाला-
मोहन मुरलीवाले, मोहन मुरलीवाले (2)

2.शीश पे उनके मोरमुकुट है, गल वैजंतीमाला
कानों में मकराकृत कुंडल, सुंदर नैन विशाला-
मोहन मुरलीवाले, मोहन मुरलीवाले (2)

3.हाथ में लेके एक लकुटिया, मोहन धेनु चराएं
वंशी के मधुरिम सुर छेड़ें, सबको मस्त बनाएं-
मोहन मुरलीवाले, मोहन मुरलीवाले (2)

4.क्रांतिदूत भी बनकर आए, शांतिदूत बन आए
हर पल रहना कर्मवीर हो, यह संदेशा लाए-
मोहन मुरलीवाले, मोहन मुरलीवाले (2)

5.जो भी इनकी शरण में आएं, उनके काज संवरते
इनसे शक्ति पाकर हर-पल, जीवन में वे संभलते-
मोहन मुरलीवाले, मोहन मुरलीवाले (2)

(तर्ज़-विनय सुनो हे स्वामी सबका जीवनधन सरसाओ———————-)

 

भजन 3.किसी रूप में भगवन मिलते

किसी रूप में भगवन मिलते, रखना हर पल ध्यान
करना मत अपमान किसी का, देना सबको मान
भव से तर जाओगे, भव से तर पाओगे- भव से तर जाओगे, भव से तर पाओगे-

1.कभी हरि भिक्षुक के रूप में भिक्षा लेने आते
सच पूछो तो इसी तरह वो देना हमें सिखाते
इसी रूप में मिल सकते वो रखना हर पल ध्यान
करना मत अपमान किसी का देना सबको मान भव से तर जाओगे-
2.कभी हरि निर्धन के रूप में कपड़े लेने आते
सच पूछो तो प्रभु किसी का तन ढकना सिखलाते
इसी रूप में मिल सकते वो रखना हर पल ध्यान
करना मत अपमान किसी का देना सबको मान भव से तर जाओगे-
3.कभी-कभी किसी मित्र रूप में भगवन पास हैं आते
सच पूछो तो प्रेम से रहना हरि हमें सिखलाते
इसी रूप में मिल सकते वो रखना हर पल ध्यान
करना मत अपमान किसी का देना सबको मान भव से तर जाओगे-
4.कभी-कभी हरि श्वान रूप में भोजन लेने आते
सच पूछो तो कृपा करके दरश हमें दिखलाते
इसी रूप में मिल सकते वो रखना हर पल ध्यान
करना मत अपमान किसी का देना सबको मान भव से तर जाओगे-
(तर्ज़-विनय सुनो हे स्वामी सबका जीवनधन सरसाओ———)

भजन 4.श्यामा तैनूं मिलण लइयो दिल करदा

श्यामा तैनूं मिलण लइयो दिल करदा
तेरे दरश बिना नइयो कम सरदा-श्यामा तैनूं मिलण————————
1.हाथ मेंले तस्वीर तेरी जाने किधरे खो जावां
मन करदा तूं मेरा होंवें मैं तेरी हो जावां
तस्वीर तों नइयो मेरा दिल भरदा-श्यामा तैनूं मिलण————————
2.इक मीरा सी इक राधा सी दोआं ने तैनूं ध्याया
अपणा जाण के तूने वी दोआं नूं सी अपनाया
मेरी वारी क्यों नइयो ऐहो कम करदा-श्यामा तैनूं मिलण————————
3.जीवन दी नैय्या करदी है मोहन तेरे हवाले
मेरी अर्ज़ी तेरी मर्ज़ी जैसे चाहे संभाले
तूं जो चाहे तो बेड़ा मेरा जाए तरदा-श्यामा तैनूं मिलण————————
4.आठों पहर तेरे ही सहारे मोहन चलदी जावां
कद आवेगी ऐसी वेला तेरे दर्शन पावां
मेरे श्याम क्यों नइयो मेरा दुख हरदा-श्यामा तैनूं मिलण————————

(तर्ज़-ओ गरीबनवाज़ मेरी बांहं फड़ लै———————)

भजन 5.नी अज मैंनूं नच लैण दे

मैंनूं श्याम पिया ने बुलाया नी अज मैंनूं नच लैण दे
मैंनूं अपना दरश कराया नी अज मैंनूं नच लैण दे
नी अज मैंनूं नच लैण दे, नी अज मैंनूं नच लैण दे
1.मोरमुकुट दी शोभा न्यारी
पीताम्बर दी चमक निराली
सोणे रूप तों जावां वारी-वारी नी अज मैंनूं नच लैण दे-मैंनूं श्याम पिया ने—-
2.माल वैजंती गल विच सोहे
लट घुंघराली मन नूं मोहे
सोणे रूप तों जावां वारी-वारी नी अज मैंनूं नच लैण दे-मैंनूं श्याम पिया ने—-
3.अधरों पर है मुरली प्यारी
रास रचाए सृष्टि सारी
सोणे रूप तों जावां वारी-वारी नी अज मैंनूं नच लैण दे-मैंनूं श्याम पिया ने—-
4.मैं तेरी मीरा तू मेरा सांवरिया
जाने है ये सारी नगरिया
सोणे रूप तों जावां वारी-वारी नी अज मैंनूं नच लैण दे-मैंनूं श्याम पिया ने—-

भजन 6.बल्ले-बल्ले जन्मदिन मोहन का

बल्ले-बल्ले जन्मदिन मोहन का
आओ झूमें-नाचें-गाएं जन्मदिन मोहन का-बल्ले-बल्ले भाई———–
बल्ले-बल्ले भाई बल्ले-बल्ले(2)
1.बल्ले-बल्ले भाई मोरमुकुट न्यारा
आओ झूमें-नाचें-गाएं मोरमुकुट प्यारा-बल्ले-बल्ले भाई———–
2.बल्ले-बल्ले भाई पीताम्बर प्यारा
आओ झूमें-नाचें-गाएं पीताम्बर प्यारा-बल्ले-बल्ले भाई———–
3.बल्ले-बल्ले भाई मुरली की धुन प्यारी
आओ झूमें-नाचें-गाएं जन्मदिन मोहन का-बल्ले-बल्ले भाई———–
4.बल्ले-बल्ले भाई मोहन झूलें पलने में
आओ झूमें-नाचें-गाएं मोहन झूलें पलने में-बल्ले-बल्ले भाई———–
5.बल्ले-बल्ले भाई राधा-संग सोह रहे
आओ झूमें-नाचें-गाएं राधा-संग सोह रहे-बल्ले-बल्ले भाई———–
6.बल्ले-बल्ले भाई भव से पार करें
आओ झूमें-नाचें-गाएं भव से पार करें-बल्ले-बल्ले भाई———–

(तर्ज़-बल्ले-बल्ले भाई रेशमी दुपट्टे वालिए—————————-)

 

आप सबको श्री कृष्ण जन्माष्टमी के परम पावन अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।