विशेष सदाबहार कैलेंडर-139

1.A nice massage written on a balloon
Which was flying high up in the sky-
”It is not what is OUTSIDE,
But what’s INSIDE that
Takes you to the top.”

2.Lord as we start this day,
We trust in your unfailing love
and promises of safety and protection.

3.दीवारें छोटी होती थीं, लेकिन पर्दा होता था,
ताले की ईजाद से पहले सिर्फ़ भरोसा होता था.

4.अगर चाहते हो कि ”भगवान” मिले,
तो ऐसे काम करो जिससे ”दुआ” मिले.

5.झरने में मधुर संगीत न सुनाई देता,
अगर राहों में उनके पत्थर न होते.

6.जब दोस्त ही शामिल हो दुश्मनों की चाल में,
तब शेर भी फंस जाता है, मकड़ी के जाल में.

7.सारे ही काम जरूरी थे जिंदगी में, और होते भी गये,
एक तेरी इबादत थी जो टलती गयी.

8.हर नयी चीज अच्छी लगती है,
पर दोस्ती जितनी पुरानी हो उतनी ही खूबसूरत होती है.

0.जो ईश्वर रात को पेड़ों पर बैठे परिंदों को,
नींद में भी कभी गिरने नहीं देता,
वो ईश्वर इंसान को कैसे बेसहारा छोड़ सकता है.

10.इत्र तो यूं ही इतराते हैं,
रिश्ते तो आप जैसों से ही महकते हैं,

11.शब्दों से चित्र बनाता हूं,
जज्बातों से मित्र बनाता हूं,
जिसकी खुशबू कभी कम न हो,
तजुर्बे से ऐसा इत्र बनाता हूं.

12.हमें रिश्तों में शब्दों को मोहताज नहीं बनाना चाहिए,
गर कोई अपना खामोश है, तो उसे आवाज लगाइए.
झूम उठे हैं हम दीवाने.
झूमते ही जाएंगे, तुम कहो हमें दीवाने या मस्ताने,
झूमने की तमन्ना हमने की नहीं,
यह तो गीतों की रसधार ने झुमा दिया,
ढोलक की थाप ने घुमा दिया,
वरना हम तो चल रहे थे अपनी मस्ती में,
आपके गीत ने जादू जगा दिया अनजाने में.

13.कर्मों से कमाल की खेती-
यदि आपके चंद बोलों से किसी का रक्त बढ़ता है,
तो यह भी रक्त दान है.
यदि आपके द्वारा किसी की पीठ थपथपाने से उसकी थकावट दूर होती है,
तो यह भी श्रम दान है.
यदि आप खाते समय प्लेट में उतना ही लें कि कुछ भी व्यर्थ न जाए,
तो यह भी अन्न दान है.

14.हर जलते दिए तले अंधेरा होता है,
हर रात के पीछे एक सवेरा होता है,
लोग डर जाते हैं मुश्किलों को देखकर,
पर हर मुश्किल के पीछे सफलता का सवेरा होता है,

15.अंधे को मंदिर आया देख लोग हंसकर बोले-
”मंदिर में दर्शन के लिए आए तो हो,
पर क्या भगवान को देख पाओगे?”
”क्या फर्क पड़ता है,
मेरा भगवान तो मुझे देख लेगा,
दृष्टि नहीं दृष्टिकोण सही होना चाहिए.” उसने कहा.

16.गलत को गलत कहने की क्षमता नहीं है,
तो आपकी प्रतिभा व्यर्थ है.

17.खिलते फूल जैसी लबों पर हंसी हो,
न कोई गम हो न कोई बेबसी हो,
सलामत रहे जिंदगी का यह सफर,
जहाँ आप रहो वहाँ बस ख़ुशी-ही-ख़ुशी हो.

18.जिंदगी संवारने को तो जिंदगी पड़ी है,
वो लम्हा संवार लो, जहां जिंदगी खड़ी है.

19.मैं उसी का जिम्मेदार हूं, जो मैंने कहा है,
उसका नहीं, जो तुमने समझा है!

20.ये खुशबू ये फ़िज़ा ये हवा आपकी हुई,
मौसम की हर एक अदा आपकी हुई,
देना चाहा आपको कुछ खास तोहफा आपके लिये,
दिल से निकलने वाली हर दुआ आपकी हुई.

21.कामयाबी मिलती है उन्हें,
जो अपनी लगन के दीवाने होते हैं,
पीने वाले के लिए हर ओर मयखाने होते हैं,
कहने को बढ़ता है हर कोई मंजिल की ओर,
लेकिन पाते हैं मंजिल वही, जो शमा के परवाने होते हैं.

22.जीना सरल है प्यार करना सरल है
हारना और जीतना भी सरल है
तो फिर ”कठिन” क्या है
”सरल” होना बहुत ”कठिन” है.

23.क्या अजीब लीला है तेरी मेरे मौला,
छुपा भी हर जगह है और हाजिर भी हर जगह है.

24.आपकी कामयाबी का हम भी जश्न मनायेंगे,
आपके सपनों को हम भी गले से लगायेंगे,
आप चाहे कुछ भी कहें,
हम तो आज रात भर झूमेंगें गायेंगे.

25. Always believe that something amazing is about to happen,
May the Lord pour out his blessings on you every day.

26.तेरे गिरने में तेरी हार नहीं,
तू आदमी है अवतार नहीं,
गिर, उठ, चल, दौड़, फिर भाग,
क्योंकि जीत संक्षिप्त है इसका कोई सार नहीं.

27.आपका app पढ़ने की हवा चले दूर तलक,
लोग इसे पढ़ें बिना झपकाए पलक,
सदाबहार कैलेंडर की खुशबू फैले दूर-दूर,
बार बार इसे पढ़ने को हो जाएं मजबूर.

28.प्रकृति से प्रेम व्यवहार,
खुशहाली का है आधार,
न सूखा हो, न बाढ़,
मौसम हो खुशगवार.

29.यदि परिस्थितियों पर आपकी मज़बूत पकड़ है,
तो टेढ़ी चालें चलने वाले भी आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकते.

30.बस ज़ायके में थोड़ा कड़वा है,
वर्ना सच का कोई जवाब नहीं.

31.अगर बुरा किया है तो खुदा छोड़ता नहीं
अगर अच्छा किया है दिल तोड़ता नहीं.

प्रस्तुत है पाठकों के और हमारे प्रयास से सुसज्जित विशेष सदाबहार कैलेंडर. कृपया अगले विशेष सदाबहार कैलेंडर के लिए आप अपने अनमोल वचन भेजें. जिन भाइयों-बहिनों ने इस सदाबहार कैलेंडर के लिए अपने सदाबहार सुविचार भेजे हैं, उनका हार्दिक धन्यवाद.

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परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।