सीखना

ढाई साल की एक छोटी-सी बच्ची मां को रोटियां सेकते हुए देख रही थी. उसका मन भी तवे पर रोटी पलटने को मचल गया. मां उसका हाथ जल जाने के डर से उसे ऐसा नहीं करने दे रही थी.

”ममी बच्चा जिंदगी में दो बार काम सीखता है. पहला जब उसका मन करे, दूसरा जब उसको आवश्यकता हो.” बच्ची बोली.

मां ने तुरंत उसको हाथ में खुरपी पकड़ाकर रोटी पलटवाई.

इस बार उसके जन्म की गोल्डन जुबली और विवाह की सालगिरह की सिलवर जुबली है. आज वह पाक कला में माहिर है और हर तरह का स्वादिष्ट इंडियन और कांटिनेंटल खाना पका सकती है.

पुनश्च-

आपको यह जानकर अत्यंत हर्ष होगा, कि वह बच्ची हमारी बिटिया लाज गजवानी है. आज उसकी शादी की सालगिरह की सिलवर जुबली है. लाज-सुशील को हमारी ओर से शादी की सालगिरह की सिलवर जुबली की कोटिशः बधाइयां और शुभकामनाएं.

बहुत-बहुत मुबारक हो ये सुहाना समां,
बड़ा नायाब लग रहा होगा जहां,
खुशियां बांटो एक दूसरे के संग,
रास आए आपको सालगिरह का हर रंग!

दिल की गहराई से दुआ दी है आपको,
सब का प्यार सदा ही मिले आपको,
नज़र न लगे कभी इस प्यार को,
चांद-सितारों से लंबा हो यह साथ आपका.

 

चलते-चलते आपके लिए एक उपहार-

हम आपको बताना चाहेंगे, कि हमारी बिटिया लाज श्री गणेश की पुजारिन हैं. आजकल गणेशोत्सव चल रहा है, इसलिए उनके विवाह की सालगिरह की सिलवर जुबली पर हमने आपके लिए श्री गणेश भजनमाला लिखी है. जिन भी पाठकों को यह पुस्तक चाहिए, वे नीचे दी हुई ई.मेल पर विषय- श्री गणेश भजनमाला लिखकर सम्पर्क करें, उनको यह भजन संग्रह भेज दिया जाएगा-
tewani30@yahoo.co.in

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।