हिन्दी इक वरदान

दुनिया  के हर  देश में , बढ़ा रही है शान।
भारतवालों  के लिए , हिन्दी इक वरदान।
जोर शोर  से हो रहा,हर सू अब जयगान।
हिन्दी  तेरे   महल  में , मोदी सा  दरबान।
दुनिया भर में बढ़ रहा, हिन्दी का सम्मान।
चाहे  वो  इग्लैण्ड  हो ,  चाहे  हो जापान।
मिलकर सब करते रहे, हिन्दी का जयगान।
मलिक मुहम्मद जायसी,तुलसीऔरसखान।
देता  पूरा  विश्व  जब , हिन्दी को  सम्मान।
फिर क्यूँ अपने देश में,सहती है  अपमान।
— हमीद कानपुरी

परिचय - हमीद कानपुरी

पूरा नाम - अब्दुल हमीद इदरीसी वरिष्ठ प्रबन्धक, सेवानिवृत पंजाब नेशनल बैंक 179, मीरपुर. कैण्ट,कानपुर - 208004 ईमेल - ahidrisi1005@gmail.com मो. 9795772415