अब तो बारिश की बूँदों में, जलने के अनुभव होता है।

अब तो बारिश की बूँदों में, जलने का अनुभव होता है।
मैं भी सोचा करता हूँ जाने क्यूँ ये अब होता है।।

जिसने दिल को यार लगाया, उसने धोखा खाया है,
शायद सच्चे आशिक के संग ऐसा ही ये सब होता है।

माँगे मौत नही मिलती है इश्क तो ऐसा दरिया है,
सोचो गर जो समय मिले ऐसा भी ये कब होता है।

जिसको सब कुछ मान लिया हो वो ही ग़र जो छलता हो,
चाहत में कुछ कमी रही हो ऐसा ही ये तब होता है।

परिचय - सौरभ दीक्षित मानस

नामः- सौरभ दीक्षित पिडिट्स पताः- भवन संख्या 106, जे ब्लाक, गुजैनी कानपुर नगर पिन 208022, उत्तरप्रदेश मो 8004987487, 9760253965