Monthly Archives: September 2019

  • हे केशव

    हे केशव

    हे केशव, हे मधुकर, हे कृपासिंधु देवकीनंदन, हे मुरलीधर, हे श्रीकृष्ण है तुमको शत बार नमन। भारत भू के नायक हो तुम, अखिल विश्व के पालक हो, मानवता के प्रतिपालक हो तुम, दुष्ट दलों के संहारक...

  • फिर सदाबहार काव्यालय- 36

    फिर सदाबहार काव्यालय- 36

    इंद्रेश उनियाल का प्रथम प्रयास – तीन बाल गीत 1.महक-चहक फूल महक रहे बगिया में, पक्षी चहकें घर-आंगन में, फाग महीना जब भी आता होली का हुल्लड़ दिखलाता, ऋतु बंसत जब आती है, कोयल राग सुनाती है,...

  • और सुनाओ दुनिया वालो

    और सुनाओ दुनिया वालो

    निज आँचल में फूल सँजोके पर-पथ कांटो से भर डालो और सुनाओ दुनिया वालों । सुनने को दो कान मिले है मन में आए वो कह डालो और सुनाओ दुनिया वालों । सहनशक्ति कितनी मत देखो...

  • दर्द

    दर्द

    अब्र ए दर्द जब दिल पर घुमड़ आते हैं. लाख रोके कोई पलकों को नम कर जाते हैं. बहुत मुश्किल है दीवार ए सब्र को महफूज रखना. दर्द बेइंतहा हो तो कांच से बिखर जाते हैं...

  • नभ में उड़ जाये

    नभ में उड़ जाये

    आओ मेरी प्रेयसि! जी भर मैं दुलराऊं। तेरा रूप मनोहर मेरे मन की जलधारा, तुम कुछ इतनी सुन्दर ज्यों फूलों की माला, तेरे चलने पर यह धरती है मुस्काती, देखकर रुप तुम्हारा किरणें भी शरमातीं ,...