एक साथ

एक दरिया एक कश्ती एक लहर एक साथ
एक आरज़ू एक उम्मीद एक कहर एक साथ
रस्मों रिवाजों रिश्तों की गहराई में मिलती
एक अवाम एक बस्ती एक शहर एक साथ
लाज़मी है कि गुज़रेगा उसी दौर से हर शख्स
एक नुस्खा एक दवा एक जहर एक साथ
पहला ही दीदार लिख देता है एक कहानी
एक सूरत एक ख्याल एक नज़र एक साथ
अलग अलग यादों में भेष बदलती जिंदगी
एक गज़र एक लम्हा एक पहर एक साथ
दुश्मनों की बात अलग खुद पर जीत है मुश्किल
एक लड़ाई एक द्वंद एक गदर एक साथ
आकर चौराहे पर बदला पहला वाला फैसला
एक घटना एक सबूत एक खबर एक साथ
मणि नीड से उड़ा परिंदा अपनी पहली उड़ान पर
एक ज़मीन एक शाख एक शज़र एक साथ
— मनीष मिश्रा मणि