कविता

उत्सव: एक काव्य रूपक

”हम कांटों से नहीं डरते,
इसलिए गुलाब लगाते हैं,
हम गमों से नहीं डरते,
इसलिए उत्सव मनाते हैं.”

उत्सवों में उत्सव है दिवाली, लेकिन दिवाली मनाने में आईं दिक्कतें-

पटाखे कोर्ट ने बंद कर दिए,
साउंड सरकार ने और मिठाई डॉक्टर ने…….
अब दिवाली क्या हाजमोला खाकर मनाएं?

अब क्या करें!-
घबराइए मत उत्सव मनाने के और भी तरीके हैं,
दिवाली को हम मेल-मिलाप का पर्व समझते हैं,
आइए मेल-मिलाप के लिए अपनापन बढ़ाएं,
अपनापन बढ़ाकर प्रेम-प्यार से दिवाली मनाएं,
अपनापन बढ़ाकर प्रेम-प्यार से हर उत्सव मनाएं.

अपनापन

इस संसार में,
सूर्य की तेजस्विता है
चंद्रमा की चंद्रिका है
तारों की झिलमिलाहट है
सपनों की आहट है
जेबों में माया है
घरों में छाया है
सुखों की सजावट है
दुखों की बुनावट है
वाहनों का शोर है
आतंक चारों ओर है
महंगाई की मार है
सड़कों पर तकरार है
खुशियों की खिलखिलाहट है
अभावों की तिलमिलाहट है
नहीं है तो,
केवल अपनापन
और
हर एक चाहता है
अपनापन, केवल अपनापन.

अपनापन लेने की नहीं, देने की चीज़ है
एक बार किसी को अपनापन देकर तो देखो
जीवन में बहार आ जाएगी
ज़िंदगी गुलज़ार हो जाएगी
बस, देकर देखो अपनापन
क्योंकि
हर एक चाहता है
अपनापन,
केवल अपनापन,
केवल अपनापन.

यह काव्य-रूपक हमने ऑस्ट्रेलिया की एक सांस्कृतिक संस्था Australiyan Hnidi Indian Assosiation (AHIA) में प्रस्तुत किया था, जो बहुत पसंद किया गया. आज करवा चौथ का पावन पर्व है. आप सबको करवा चौथ और आने वाले दिवाली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं और बधाइयां.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “उत्सव: एक काव्य रूपक

  1. करवा चौथ का पूजन कर लें (भजन)

    करवा चौथ का आया त्योहार, सखी री आओ पूजन कर लें
    करें करवे में दीप उजियार, सखी री आओ पूजन कर लें-
    1.आज मिली हैं अनगिन खुशियां
    सज-धज आई हैं सारी सखियां
    देखो सबका सजीला श्रंगार, सखी री आओ पूजन कर लें-
    2.अखंड सौभाग्य को देने वाला
    करवा चौथ का व्रत है निराला
    मिले हम सबको प्रेम अपार, सखी री आओ पूजन कर लें-
    3.शिव-गौरां का वंदन कर लें
    आशीर्वचन बड़ों का ले लें
    होगा सब विधि शुभ-कल्याण. सखी री आओ पूजन कर लें-
    लीला तिवानी

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