प्रकाश पर्व

आज श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व है. देश-विदेश में इस साल गुरुनानक देव का 550वां प्रकाश पर्व श्रद्धापूर्वक मनाया जा रहा है. इस मौके पर एयर इंडिया ने अपने एक विमान के टेल पर एक ओंकार बनवाया है, इसका मतलब होता है कि ईश्वर एक है. विमान के ढांचे पर ‘श्री गुरु नानक देव जी 550वां वर्ष समारोह लिखा’होगा. केंद्रीय नागरिक उड्‌डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को ट्वीट करके यह जानकारी दी.
सिख धर्म के प्रवर्तक गुरुनानक देव का जन्म 15 अप्रैल, 1469 में तलवंडी नाम के एक स्थान पर हुआ था. उनके जन्म के बाद तलवंडी का नाम बदलकर ननकाना हो गया. वर्तमान में यह जगह पाकिस्तान में स्थित है. नानक ने कर्तारपुर नाम का शहर बसाया था जो अब पाकिस्तान में मौजूद है. यही वो स्थान है जहां सन् 1539 को गुरु नानक जी का देहांत हुआ था.

श्री गुरु नानक देव जी का 550वां प्रकाश पर्व मना रहे सिख समाज के लिए शनिवार का दिन खुशियों से भरा रहा. उनकी 72 साल की अरदास पूरी हो गई और करतारपुर कॉरिडोर खुल गया. भारतीय क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तो पाकिस्तान में वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसका उद्घाटन किया. मोदी जी ने श्री करतारपुर साहिब के लिए पहला जत्था रवाना करने के साथ ही गुरु नानक देव पर 550 रुपये का सिक्का भी जारी किया. यह सिक्का कोलकाता टकसाल में निर्मित है.

श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाएं हमारे जीवन को इंसानियत की ओर अग्रसर करने में सक्षम हैं. अंधविश्वास और आडंबरों के कट्टर विरोधी श्री गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं से हम जीवन को प्रकाशित कर सचमुच का प्रकाश पर्व मना सकते हैं. उन्होंने अपने अनुयायियों को जीवन की दस शिक्षाएं दीं जो इस प्रकार हैं−
1. ईश्वर एक है
2. सदैव एक ही ईश्वर की उपासना करो
3. ईश्वर सब जगह और प्राणी मात्र में मौजूद है
4. ईश्वर की भक्ति करने वालों को किसी का भय नहीं रहता
5. ईमानदारी से और मेहनत कर के उदरपूर्ति करनी चाहिए
6. बुरा कार्य करने के बारे में न सोचें और न किसी को सताएं
7. सदैव प्रसन्न रहना चाहिए. ईश्वर से सदा अपने लिए क्षमा मांगनी चाहिए
8. मेहनत और ईमानदारी की कमाई में से ज़रूरतमंद को भी कुछ देना चाहिए
9. सभी स्त्री और पुरुष बराबर हैं
10. भोजन शरीर को जि़ंदा रखने के लिए ज़रूरी है पर लोभ−लालच व संग्रहवृत्ति बुरी है

श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर देश-विदेश में भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से सम्मिलित होते हैं. सभी गुरुद्वारों को विशेष रूप से प्रकाशित कर अपने जीवन को प्रकाश पर्व बनाने की प्रेरणा दी जाती है.

श्री गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व पर सोमवार को दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी एक भव्य नगर कीर्तन निकालने जा रही है।

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परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।