सास बहू का मुद्दा

*क्यों एक सास कभी माँ नहीं बन पाती

हँस रहे होंगे न आप भी क्या वही पुराना किस्सा, लेकिन तीस सालों के कड़वे अनुभव ने यही बताया है कि हर जगह बहू को ही क्यों दोष दिया जाता है ? दुनिया मे आज गली गली इतने वृद्धाश्रम खुल रहे हैं क्या उन सबके पीछे सिर्फ बहुओं का ही दोष होता है ? क्या ताली एक हाथ से ही बजती है ? क्यों एक सास कभी माँ नहीं बन पाती। बेटियों के लिए रोने वाली सास बहुओं को बेटी क्यों नहीं मान सकती ? क्यों बहू को हर बात का प्रूफ देना पड़ता है ? क्यों बड़े बुजुर्ग कभी बहू की बात को सही नहीं समझ पाते ? क्या इसमें भी बहुओं के परिवार की गलती होती है?माना कि दो परिवारों के रहन सहन और पारिवारिक माहौल का बहुत बड़ा अंतर होता है लेकिन क्या वो अंतर ताउम्र साथ रहने के बाद भी बना रहता है ?

वर्षा वार्ष्णेय अलीगढ़

परिचय - वर्षा वार्ष्णेय

पति का नाम –श्री गणेश कुमार वार्ष्णेय शिक्षा –ग्रेजुएशन {साहित्यिक अंग्रेजी ,सामान्य अंग्रेजी ,अर्थशास्त्र ,मनोविज्ञान } पता –संगम बिहार कॉलोनी ,गली न .3 नगला तिकोना रोड अलीगढ़{उत्तर प्रदेश} फ़ोन न .. 8868881051, 8439939877 अन्य – समाचार पत्र और किताबों में सामाजिक कुरीतियों और ज्वलंत विषयों पर काव्य सृजन और लेख , पूर्व में अध्यापन कार्य, वर्तमान में स्वतंत्र रूप से लेखन यही है जिंदगी, कविता संग्रह की लेखिका नारी गौरव सम्मान से सम्मानित पुष्पगंधा काव्य संकलन के लिए रचनाकार के लिए सम्मानित {भारत की प्रतिभाशाली हिंदी कवयित्रियाँ }साझा संकलन पुष्पगंधा काव्य संकलन साझा संकलन