कविता

तुम साथ थे जब

गम भी खुशियां दे जाते थे,
जब हम साथ तुम्हारा पाते थे।
प्रीत के बंधन में बंध कर ,
सपनों की दुनिया में खो जाते थे।

खुशियों की महफिल सजती थी,
दुख के आलम गुम जाते थे।
साथ तुम्हारा पाकर हम,
सारी दुनिया को भूल जाते थे।

सांसों में आज भी बसते हैं,
तुमसे हसीन मुलाकात के पल।
होठों पर आज भी सजते हैं,
तुमसे उस दीदार के पल।

एहसास की खुशबू बिखरती है,
दूर नहीं तुम ,कहती है।
तन्हाई आज भी महकती है,
यादों में साथ हो, कहती है।

— कल्पना सिंह

परिचय - कल्पना सिंह

Address: 16/1498,'chandranarayanam' Behind Pawar Gas Godown, Adarsh Nagar, Bara ,Rewa (M.P.) Pin number: 486001 Mobile number: 9893956115 E mail address: kalpanasidhi2017@gmail.com

Leave a Reply