बाल कविता शिशुगीत

पांच तोते

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तोते आए पांच,
दिखा रहे थे नाच,
बोला तोता एक,
हमें देश पर नाज.

तोते आए पांच,
दिखा रहे थे नाच,
बोला तोता एक,
देश पर न आए आंच.

तोते आए पांच,
दिखा रहे थे नाच,
बोला तोता एक,
अपने मन को जांच.

तोते आए पांच,
दिखा रहे थे नाच,
बोला तोता एक,
आतंक से आओ बाज.

तोते आए पांच,
दिखा रहे थे नाच,
बोला तोता एक,
कभी न छोड़ो आस.
-लीला तिवानी

लीला तिवानी का ब्लॉग
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परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

2 thoughts on “पांच तोते

  1. शरीर में 1 नहीं 5 प्राण होते हैं, क्या करते हैं काम
    1.अपान- अपान शरीर से दूषित पदार्थों को बाहर निष्‍कासित करने का काम करता है.
    2.समान- समान प्राण के द्वारा ही शरीर की ऊर्जा और सक्रियता ज्‍वलंत रखी जाती है.
    3.प्राण- प्राण का काम शरीर के लिए साफ, स्‍वच्‍छ वायु को श्‍वांस के रूप में खींचना है और शरीर में बल को संचारित करता है। यानी कि प्राण से ही शरीर करे असलियत में प्राण मिलते हैं
    4.उदान- यही प्राण शरीर को कड़क बनाए रखकर आपको खड़े रहने की शक्ति प्रदान करता है। यही प्राण आपको गिरने से बचाता है.
    5.व्यान- यह पांचवें प्रकार का प्राण आपके शरीर में रक्‍त संचार, श्‍वास, ज्ञान तंतु को बनाए रखने का काम करता है। प्राण के इसी प्रकार की वजह से आपका दिमाग संचालित होता है। यानी कि इसको इस प्रकार से समझा जा सकता है जीवन से जुड़े अहम फैसले आपको व्‍यान ही देता है.

  2. नए पाठक भी बाल गीत भेजकर जुड़ने की कोशिश करें, ऐसे सुअवसर कम ही मिलते हैं.

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