बाल कविता शिशुगीत

छवि देश की सुथरी होगी

छोटे-छोटे बालक हैं हम,
लेकिन नहीं किसी से कम,
मत समझो नादान है बुद्धि,
कल तो देश चलाएंगे हम
सौंप के तो देखो डोरी हमको,
न्याय व्यवस्था चुस्त करेंगे,
दोषी कोई न बच पाएगा,
ऐसा सबको दुरुस्त करेंगे.
शांति होगी अपने देश में,
क्रांति प्रदूषण के प्रति होगी,
भ्रांति रहेगी न किसी नियम में,
छवि देश की सुथरी होगी.
-लीला तिवानी

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “छवि देश की सुथरी होगी

  1. छोटे बच्चे भी अगर एक बार ठान लें, तो देश की छवि सुथरी होने में कोई मुश्किल नहीं है. छोटे बच्चे ही देश के कर्णधार हैं.

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