बाल कविता

बाल कविता

मेरा सोना बच्चा सोएगा ।
मीठे सपनों में खोएगा ।
जहाँ लड्डू बर्फी भरे पड़े।
चॉकलेट के पेड़ हैं बड़े बड़े ।
जहाँ दूध की नदियाँ बहती हैं ,
और बहुत सी परियाँ रहतीं हैं ।
हैं बादल कॉटन कैंडी जैसे ,
इन्हें खाए बगैर रहूँ कैसे ।
गुड्डे ,गुड़िया और टेडी बियर ,
मुझको कहते सब अपना डिअर ।
मम्मा भी लाड लड़ाती है ।
डैडी की डाँट से बचाती है ।
सब अच्छा अच्छा चलता है ।
फिर मेरा सपना खुलता है ।
आँखें मलता जो खड़ा हुआ ।
देखा तो होमवर्क पड़ा हुआ ।

— अनुपमा दीक्षित भारद्वाज

परिचय - अनुपमा दीक्षित भारद्वाज

नाम - अनुपमा दीक्षित भारद्वाज पिता - जय प्रकाश दीक्षित पता - एल.आइ.जी. ७२७ सेक्टर डी कालिन्दी बिहार जिला - आगरा उ.प्र. पिन - २८२००६ जन्म तिथि - ०९/०४/१९९२ मो.- ७५३५०९४११९ सम्प्रति - स्वतंत्र लेखन छन्दयुक्त एवं छन्दबद्ध रचनाएं देश विदेश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित प्रकाशाधीन पुस्तकें - लेकिन साथ निभाना तुम (खण्ड काव्य ) शिक्षा - परास्नातक ( बीज विग्यान एवं प्रोद्योगिकी ईमेल - adixit973@gmail.com

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