लघुकथा

संगीन जुर्म

”हमारा गंजापन क्यों बढ़ता जा रहा है?” गंज से शर्मिंदा पुरुषों ने मौसम से पूछा.

”हमारे बालों की चमक क्यों खोती जा रही है?” सौंदर्य के प्रति सजग युवतियों ने सवाल किया.

”आंखों में जलन, गले में खराश, सीने में भारीपन, सांस फूलना और खांसी की शिकायत क्यों बढ़ती जा रही है?” आम लोगों की परेशानी थी.

”दिल, मधुमेह, हाई ब्‍लड प्रेशर और सांस की दिक्कतें क्यों अधिक होती जा रही हैं?” बुजुर्गों की शिकायतें भी कुछ कम नहीं थीं!

”गर्भस्‍थ शिशुओं को कई सारी दिक्‍कतों का सामना करना क्यों पड़ता है?” चिंतित गर्भवती महिलाओं की व्यथित जिज्ञासा थी.

”जोड़ों का दर्द बढ़ने. आंखों में सूखापन आने, एलर्जी, दर्द के साथ आंसू को एसिडिक बना देने की क्या वजह है?” बुजुर्ग महिलाओं की पीड़ा मुखर हो रही थी.

”मीडिया वाले बार-बार बढ़ते प्रदूषण-स्तर का हवाला देकर ताकीद कर रहें हैं, कि बाहर मत निकलो, लेकिन हमें सुबह-सुबह जबरदस्ती फेस-मास्क लगाकर स्कूल क्यों जाना पड़ता है?” मासूम बच्चों की परेशानी भला कहां कम थी!

”काश, तुमने पराली जलाने, घर-घर से चार-चार गाड़ियां निकालने, एक पेड़ लगाने के बजाय अधिकाधिक पेड़ काटने, प्लास्टिक का अंधाधुंध प्रयोग करने, नदियों में रासायनिक कचरा डालने आदि का संगीन जुर्म करने से पहले यह सब सोचा होता! तब तुमने मुझे कठपुतली समझा, अब मेरी बारी है.” मौसम ने दो टूक जवाब दिया.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “संगीन जुर्म

  1. संगीन जुर्म, मां या कुछ और?——
    दूध पिलाया, लोरी सुनाई फिर एक-एक कर 3 मासूमों को मां ने तड़पा-तड़पाकर मार डाला

    अमेरिका में एक मां ने अपने 3 साल के बच्चों की अपने हाथों से ही जान ले ली
    बच्चों का दम घोंटकर उनकी जान ले ली और फिर उन्हें सोफे पर लिटा दिया
    महिला को अरेस्ट कर लिया गया है और मर्डर की धाराएं उसपर लगाई गई है
    यह घटना अमेरिका के ओरिजोना राज्य की है जहां इस घटना से लोग हैरान हैं
    नशे ने डायन बना दिया

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