धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विशेष सदाबहार कैलेंडर- 148

1.If you think positively,
Sound becomes music,
Movement becomes dance,
Smile becomes laughter,
Mind becomes meditation,
And life becomes a celebration,

2.Speaking lips can reduce many problems,
Closed lips can avoid some problems
But smiling lips can solve almost all problems.
So keep smiling.

3.The most difficult task is to make everybody happy,
The simplest task is to be happy with everyone.

4.You can’t reach for anything new
If your hands are still full of yesterday’s junk.

5.Adjustment with right person is always,
Better than argument with wrong pepole,
A meaningful silence is always,
Better than meaningless words.

6.कर्म कर, जिक्र न कर,
शुक्र कर, फिक्र न कर.

7.बहुत छोटी-सी पर बहुत सच्ची बात है,
आपका स्वभाव ही आपका भविष्य है.

8.वक्त आपका है,
चाहो तो सोना बना लो,
चाहो तो सोने में गुजार दो.

9.हवा से कह दो कि खुद को आज़मा के दिखाये,
बहुत चिराग बुझाती है, एक जला के तो दिखाये!

10.बदला लेने में क्या मजा है?
मजा तो तब है, जब तुम सामने वाले को बदल डालो.

11.अक्सर वफ़ा वहां मिलती है,
जहां से वफ़ा की उम्मीद नहीं होती.

12.साहस का निवास आत्मा के अंदर होता है,
इसे प्रकट करने के लिए आपको शांति में जाना पड़ेगा.

13.परिंदों के नहीं दी जाती है तालीम उड़ानों की,
वो खुद ही तय करते हैं मंजिल आसमानों की.

14.बिना किसी अफसोस के अपने अतीत का सामना करो,
पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने वर्तमान को संभालो,
निडर होकर अपने भविष्य की तैयारी करो.

15.जीवन में सुख, शांति व समृद्धि पाने के लिए,
हमें सकारात्मक दृष्टिकोण को दृढ़तापूर्वक अपनाना होगा.

16.जिस दिन तुम्हारा, सबसे करीबी साथी,
तुम पर गुस्सा करना छोड़ दे,
तब समझ लेना चाहिए कि,
तुम उस इंसान को खो चुके हो.

17.सफलता के तीन आवश्यक अंग हैं-
शुद्धता,धैर्य और दृढ़ता,
लेकिन इन सबसे बढ़कर जो आवश्यक है वह है प्रेम.

18.भारत की सुंदर बगिया के,
हम हैं सुमन महकीले,
अपनी लगन से पूरे करेंगे,
इसके स्वप्न सजीले.

19.वजह नफरतों की तलाशी जाती है,
मुहब्बत तो बिन वजह ही हो जाती है.

20.जिसने अपने ko वश में कर लिया है,
उसकी जीत को देवता भी हार में नहीं बदल सकते.

21.हर दिन भले ही अच्छा न हो,
लेकिन हर दिन कुछ-न-कुछ अच्छा जरूर होता है.

22.हताशा की चिनगारी क्या जलाएगी हमको,
अंगारों ने ही तो हमको पाला है;

23.यह सही है,
कि इंसान को गुस्सा नहीं करना चाहिए,
पर जो इंसान ज़्यादा गुस्सा करते हैं,
वो प्यार भी उतना अधिक करते हैं,
क्योंकि लाल रंग खतरे का निशान है,
तो गहरे प्यार की भी निशानी भी है.

24.महज अभिव्यक्ति नहीं जीवन का मार्ग
अमन भी तिरंगे को थामे हुए भाई से मिलने को बढ़ा.

25.बदल जाओ वक्त के साथ
या फिर वक्त बदलना सीखो
मजबूरियों को मत कोसो
हर हाल में चलना सीखो.

24.जब किसी को खोने की नौबत आ जाती है,
तभी उसे पाने की क़ीमत समझ आती है.

25.हमें रिश्तों में शब्दों को मोहताज नहीं बनाना चाहिए,
गर कोई अपना खामोश है, तो उसे आवाज लगाइए.

26.संघर्ष में आदमी अकेला होता है,
सफलता में दुनिया उसके साथ होती है,
जब-जब जग उस पर हंसा है, तब-
तब उसी ने इतिहास रचा है

27.और लोगों से धैर्य का अर्थ होता है प्यार,
खुद से धैर्य का अर्थ होता है आस,
जगत-नियंता से धैर्य का अर्थ होता है विश्वास.

28.सारा जहां उसी का है जो, मुस्कुराना जानता है,
रोशनी भी उसकी है जो, शमा जलाना जानता है,
हर जगह मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे हैं,
लेकिन मालिक तो उसी का है, जो सिर झुकाना जानता है,

29.कामयाबी के हर शिखर पर आपका नाम होगा,
आपके हर कदम पर दुनिया का सलाम होगा,
हिम्मत से दुनिया का सामना करना,
वक्त भी एक दिन आपका ग़ुलाम होगा.

30.जन्मदिन आया बन के उजाला,
खुल गया आपकी किस्मत का ताला,
हमेशा आप पर मेहरबान रहे ऊपर वाला,

31.फूलों की तरह मुस्कुराते रहिए,
भंवरों की तरह गुनगुनाते रहिए,
चुप रहने से रिश्ते भी उदास हो जाते हैं,
कुछ उनकी सुनिए, कुछ अपनी सुनाते रहिए,
भूल जाइए शिकवे-शिकायतों के पलों को,
छोटी-छोटी खुशियों के मोती लुटाते रहिए.

 

जन्मदिन के परम पावन अवसर पर हमारे दामाद सुशील गजवानी को कोटिशः हार्दिक बधाइयां व शुभकामनाएं.

आज भारत का गणतंत्र दिवस है. आपको यह जानकर अत्यंत आश्चर्य होगा, कि आज ही ऑस्ट्रेलिया का राष्ट्रीय दिवस ऑस्ट्रेलिया डे भी है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के निवासियों को राष्ट्रीय दिवस की कोटिशः हार्दिक बधाइयां व शुभकामनाएं.

प्रस्तुत है पाठकों के और हमारे प्रयास से सुसज्जित विशेष सदाबहार कैलेंडर. कृपया अगले विशेष सदाबहार कैलेंडर के लिए आप अपने अनमोल वचन भेजें. जिन भाइयों-बहिनों ने इस सदाबहार कैलेंडर के लिए अपने सदाबहार सुविचार भेजे हैं, उनका हार्दिक धन्यवाद.

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*लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं। लीला तिवानी 57, बैंक अपार्टमेंट्स, प्लॉट नं. 22, सैक्टर- 4 द्वारका, नई दिल्ली पिन कोड- 110078 मोबाइल- +91 98681 25244

2 thoughts on “विशेष सदाबहार कैलेंडर- 148

  • लीला तिवानी

    एक और नई उम्मीदों भरी सुबह आई है,
    सूरज के उजास को भी साथ लाई है,
    हमारी दोस्ती का ये असर भी तो देखो,
    हवाएं भी आपको ‘जन्मदिन मुबारक’ कहने आई हैं.

  • लीला तिवानी

    खिलने को तो खिलते हैं सुमन अक्सर गुलिस्तां में,
    खिलता है कभी-कभी गुंचा-ए-चमन हज़ारों में,
    चमकने को तो चमकते हैं सितारे अक्सर आसमां में,
    आती है कभी-कभी कोई अद्भुत तारीख नज़र के नज़ारों में.

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