लघुकथा

वर्ल्ड रेकॉर्ड

”न जाने कितने पाप किए होंगे पिछले जन्म में, कि भगवान (अगर वो कहीं है तो!) ने मुझे जन्म से ही अपाहिज बना दिया!” मन को बहुत समझाने पर भी यदा-कदा सरला का सरल मन ऐसे क्लिष्ट विचार व्यक्त कर ही देता था!

”मैं तन से भले ही ‘ठूंठ’ हूं, पर मन से अपाहिज नहीं हूं.” उसकी बात सुनकर उसके अहाते के पीपल के पेड़ के ठूंठ ने कहा.

”जानती हूं, तुम्हारी एक कोंपल की एक झलक भी तुम्हें शुष्कता, नीरसता और क्लान्तता से बचाने को पर्याप्त है, मेरे पास क्या इलाज है?” सरला ने सरलता से प्रश्न किया.

”कोंपल की एक झलक के लिए मन का तैयार होना बहुत जरूरी है. बरसों से तुम्हारे सामने पेरिस से आया पोस्टर रखा है, उसमें क्या लिखा है?” ठूंठ ने प्रश्न पर प्रतिप्रश्न किया.

”जानती हूं, यह तो मैं ही पसंद करके लाई थी. इसमें लिखा है-
अपने सपनों का सिर्फ़ पीछा मत करो, उन्हें पकड़ो.” जवाब मिला.

”तो फिर अपने सपनों को कब पकड़ोगी?” ठूंठ ने एक और प्रश्न उछाला.

”उड़ा लो तुम भी मेरा मजाक! जानते तो हो, कि मैं चल भी नहीं सकती और पकड़ने के लिए तो दौड़ना बहुत जरूरी है!” सरला रुंआसी-सी हो गई थी.

”मकर संक्रांति के दिन तुमने जो तिल के लड्डू बनाए थे, उनको पूजा में चढ़ाकर मुझे भी खिलाए थे न!”

”जी, सबने उनकी बहुत तारीफ की थी, बेसन की बर्फी भी सबको बहुत पसंद आई थी. दद्दू ने तो उनका बिजनेस करने की सलाह भी दी थी.”

”सही कह रहे थे दद्दू. स्वाद-तो-स्वाद, महीनों तक खराब होने वाली नहीं हैं ये मिठाइयां. सर्दियों में तिल के लड्डू और गर्मियों में बेसन की बर्फी देश-विदेश में मिठास भरने को बेकरार हैं. उनके व्यापार से अपना वर्ल्ड रेकॉर्ड बना सकती हो और तोड़ भी सकती हो.”

वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने और तोड़ने के लिए अब उसका मन भी तैयार था और मंच भी.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “वर्ल्ड रेकॉर्ड

  1. वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाने के लिए मन से तैयार होना जरूरी है, अब देखिए न!

    छह फीट से भी लंबे हुए बाल, गुजरात की निलांशी ने तोड़ा अपना ही वर्ल्ड रेकॉर्ड
    गुजरात की निलांशी पटेल के बाल अब छह फीट से भी लंबे हो चुके हैं। 2018 में गिनेस वर्ल्ड रेकॉर्ड में नाम दर्ज करा चुकी निलांशी ने अब अपना ही रेकॉर्ड तोड़ा है। पहले उनके बाल 170.5 सेंटीमीटर के थे, जो अब बढ़कर 190 सेंटीमीटर हो चुके हैं।

Leave a Reply