भजन/भावगीत

शिव आराधना

डम डम डम शिव डमरू बाजे, तीन लोक करते जयकार ।
पार्वती के प्रीतम प्यारे ,    जग के हो प्रभु ,पालनहार ।
सब देवों के देव कहाते, अविनाशी को कोटि प्रणाम,
ज्योतिर्मय है रूप तुम्हारा ,अद्भुत लिंग अनेकों नाम ,
हे नटराजन है दुख भंजन, शरणागत हम आये  द्वार ।
पार्वती के प्रीतम प्यारे ,    जग के हो प्रभु ,पालनहार ।
गले सर्प की माल विराजे , वस्त्र बने बाघम्बर खाल ,
नीलकंठ विषधारी शंकर, दया करो है दीन दयाल ,
आदि अंत ना जान सका जग ,पाया कौन तुम्हारा पार ।
पार्वती के प्रीतम प्यारे ,    जग के हो प्रभु पालनहार ।
— रीना गोयल

परिचय - रीना गोयल

माता पिता -- श्रीओम प्रकाश बंसल ,श्रीमति सरोज बंसल पति -- श्री प्रदीप गोयल .... सफल व्यवसायी जन्म स्थान - सहारनपुर .....यू.पी. शिक्षा- बी .ऐ. आई .टी .आई. कटिंग &टेलरिंग निवास स्थान यमुनानगर (हरियाणा) रुचि-- विविध पुस्तकें पढने में रुचि,संगीत सुनना,गुनगुनाना, गज़ल पढना एंव लिखना पति व परिवार से सन्तुष्ट सरल ह्रदय ...आत्म निर्भर

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