धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विशेष सदाबहार कैलेंडर- 150

1.’Making’ a friend is an act of grace.
‘Having’ a friend is a gift. ‘keeping’ a friend is a virtue.
‘Being’ a friend is an honour.

2.0-5 years we experience many spills,
6-16 years we undergo many drills,
17-25 years we discover many thrills,
26-40 years we pay many bills,
41-60 years we take many pills,
61-75 years we suffer many ills,
76 and above we worry about our wills.
After that we smile and remain still.
The best way to go about these ills is to chill.

3.Never think i am nothing,
Never think i am everything,
Always think i am something and i can do everything.

4.No problem can kill a positive thinker,
and no medicine can save a negative thinker.

5.Accept both compliments and criticism,
It takes both sun and rain for a flower to grow.

6.एक ‘इच्छा’ कुछ नहीं बदलती,
एक ‘निर्णय’ कुछ बदलता है,
लेकिन
एक ‘निश्चय’ बहुत कुछ बदल देता है.

7.खामोशी से कड़ी मेहनत करते रहें,
सफलताओं को शोर मचाने दें.

8.सारा जहां उसी का है जो, मुस्कुराना जानता है,
रोशनी भी उसकी है जो, शमा जलाना जानता है,
हर जगह मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारे हैं,
लेकिन मालिक तो उसी का है, जो सिर झुकाना जानता है,

9.मतलबी दुनिया के लोग खड़े हैं,
हाथों में पत्थर लेकर,
मैं कहां तक भागूं,
शीशे का मुकद्दर लेकर!

10.जिंदगी में ऐसा कुछ करो,
काम दोनों का चलता रहे,
आंधियां भी चलती रहें
और दिया भी जलता रहे.

11.गुरु एक तेज है जिसके आते ही
संशय का अंधकार ख़त्म हो जाता है.
गुरु एक मृदंग है जिसके बजते ही
अनहद नाद का सुनना संभव हो जाता है.
गुरु वह ज्ञान है जिसके मिलते ही
पांचों तत्वों का अहसास एक हो जाता है.
गुरु वह दीक्षा है जो सही मायने में मिलती है
तो साधक भव से पार हो जाता है.
गुरु वह नदी है जो निरंतर
हमारे प्राणों में बहती है.
गुरु वह सत-चित-आनंद है जो हमें
हमारी पहचान देता है.

12.बदलना नहीं आता हमें मौसम की तरह,
हर एक रुत में तेरा इंतज़ार करते हैं,
न तुम समझ सकोगे जिसे कयामत तक,
कसम तुम्हारी तुम्हें इतना प्यार करते हैं.

13.प्यार में एक ही मौसम है बहारों का मौसम,
लोग मौसम की तरह फिर कैसे बदल जाते हैं!

14.संकल्प लिया है हमने,
हम मायूसी तोड़ेंगे,
और निराशा की धारा,
आशा से जोड़ेंगे।

15.शांति की इच्छा चाहते हो,
तो पहले इच्छा को शांत करो.

16.रिश्तों की ही दुनिया में अक्सर ऐसा होता है,
दिल से इन्हें निभाने वाला रोता है,
झुकना पड़े तो झुक जाना अपनों के लिए ,
क्योंकि हर रिश्ता एक नाज़ुक समझौता होता है.

17.यह शॉर्टकट लिंक भी क्या बेमिसाल चीज है,
पनीर न मिले तो क्या, हाजिर आपके लिए चीज़ है!

18.हाथ में उसको कलम का आना अच्छा लगता है,
उसको भी स्कूल जाना अच्छा लगता है,
बड़ा कर दिया मजबूरी ने वक्त से पहले,
वरना सर पर किसको बोझ उठाना अच्छा लगता है !!

19.खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा, अभी और उड़ान बाकी है,
जमीं नहीं है मंजिल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है,

20.लहरों की ख़ामोशी को समंदर की बेबसी मत समझ ऐ नादाँ,
जितनी गहराई अन्दर है, बाहर उतना तूफ़ान बाकी है!!

21.घर की देहलीज़ पे रोशन हैं वह बुझती हुई आँखें,
मुझ को मत रोक मुझे लौट के घर जाना है.
मैं वह मेले में भटकता हुआ एक बच्चा हूँ,
जिस के माँ बाप को रोते हुए मर जाना है.
ज़िन्दगी ताश के पत्तों की तरह है मेरी ,
और पत्तों को बहरहाल बिखर जाना है .
एक बेनाम से रिश्ते की तमन्ना ले कर ,
इस कबूतर को किसी छत पे उतर जाना है

22.तुमने चाहा ही नहीं हालात बदल सकते थे,
तेरे आंसूं मेरी आँखों से निकल सकते थे,
तुम तो ठहरे रहे झील के पानी की तरह,
दरिया बनते तो बहुत दूर निकल सकते थे.

23.दुनिया का डर नहीं जो तुझे उड़ने से रोके है,
कैद है तू अपने ही नजरिये के पिंजरे में.

24.अपने खेतों से बिछड़ने की सजा पाता हूं,
अब मैं राशन की कतारों में नज़र आता हूं.

25.’1′ से ‘999’ में ‘A’ कहीं भी नज़र नहीं आता,
‘A’ सर्वप्रथम ‘THOUSAND’ में आता है,
अंग्रेज़ी वर्णमाला का पहला अक्षर होते हुए भी,
उसे सब्र करना पड़ा.
समय और मौका सबको मिलता है,
लेकिन थोड़ा सब्र करना पड़ता है.

26.शहर बसाकर अब सुकून के लिए गांव ढूंढते हैं,
बड़े अजीब हैं लोग, हाथ में कुल्हाड़ी लेकर छांव ढूंढते हैं.

27.तन की खूबसूरती एक भ्रम है,
सबसे खूबसूरत तो आपकी वाणी है,
चाहे तो दिल जीत ले, चाहे तो दिल चीर दे.

28.जीवन जितना सादा रहेगा,
तनाव उतना ही आधा रहेगा,
योग करें या न करें,
जरूरत पड़ने पर सह+योग जरूर करें.

29.मुखर लब अनेक समस्याओं को कम कर सकते हैं,
मौन लब अनेक समस्याओं को टाल सकते हैं,
मुस्कुराते हुए लब अनेक समस्याओं को हल कर सकते हैं,

30.ईश्वर तो दिखाई भी नहीं देते फिर विश्वास कैसे करें ?
श्रद्धा वाई-फाई की तरह होती है,
दिखती तो नहीं, पर सही पासवर्ड डालो तो कनेक्ट हो जाते हो.

31.जरूरत है-
एक इलेक्ट्रीशियन की:
जो ऐसे दो व्यक्तियों के बीच कनेक्शन कर सके, जिनकी आपस में बातचीत बंद है. एक ऑप्टीशियन की:
जो लोगों की दृष्टि के साथ दृष्टिकोण में भी सुधार कर सके.
एक चित्रकार की:
जो हर व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान की रेखा खींच सके.
एक राज मिस्त्री की:
जो दो पड़ोसियों के बीच पुल बनाने में सक्षम हो.
एक माली की:
जो अच्छे विचारों का रोपण करना जानता हो.
एक प्लम्बर की:
जो टूटे हुए रिश्तों को जोड़ सके.
एक वैज्ञानिक की:
जो दो व्यक्तियों के बीच ईगो का इलाज खोज सके.
एक शिक्षक की:
जो एक दूसरे के साथ विचारों का सही आदान प्रदान करना सिखा सके.

प्रस्तुत है पाठकों के और हमारे प्रयास से सुसज्जित विशेष सदाबहार कैलेंडर. कृपया अगले विशेष सदाबहार कैलेंडर के लिए आप अपने अनमोल वचन भेजें. जिन भाइयों-बहिनों ने इस सदाबहार कैलेंडर के लिए अपने सदाबहार सुविचार भेजे हैं, उनका हार्दिक धन्यवाद.

हर सुबह एक नया सदाबहार अनमोल वचन निकालने के लिए आप हमारी इस ऐप कम वेबसाइट की सहायता ले सकते हैं-

https://www.sadabaharcalendar.com/

चलते-चलते
होलिया में उड़त गुलाल: काव्य-रचनाएं: आपकी-हमारी
होली मिलकर मनाने का त्योहार है. आइए होली पर सब मिलकर काव्य-रचनाएं लिखें. इस बार आप काव्य-रचना अपनी इच्छा से लिखें. बाल गीत, हास्य गीत, क्षणिका, कविता, नई कविता कुछ भी लिखिए और कामेंट्स में और मेल पर भेज दीजिए. पिछली बार होली पर आपका-हमारा काव्य-रचनाओं का ब्लॉग आया था-
क्षणिकाएं: आपकी-हमारी
https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/rasleela/kshanikaaen-aapaki-hamaari/

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “विशेष सदाबहार कैलेंडर- 150

  1. सभी नए-पुराने कवियों को खुला आमंत्रण-
    होलिया में उड़त गुलाल: काव्य-रचनाएं: आपकी-हमारी
    होली मिलकर मनाने का त्योहार है. आइए होली पर सब मिलकर काव्य-रचनाएं लिखें. इस बार आप काव्य-रचना अपनी इच्छा से लिखें. बाल गीत, हास्य गीत, क्षणिका, कविता, नई कविता कुछ भी लिखिए और कामेंट्स में और मेल पर भेज दीजिए. ध्यान रहे- काव्य-रचनाएं विशुद्ध साहित्यिक और सकारात्मक हों.

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