कविता

सवाल

 

परछाइयों के शहर में
क्या मैं खुद को ढूंढ पाऊंगा ?
एक दिल लेकर आया हूं तेरे पास
क्या खाली हाथ यहां से जाऊंगा?

देखा मैंने घूम कर यहां पर
कोई राधा है कोई मीरा है
मैं बैठा हूं राह तकता तुम्हारी
मेरे पास सवालों का जखीरा है

परिचय - प्रवीण माटी

नाम -प्रवीण माटी गाँव- नौरंगाबाद डाकघर-बामला,भिवानी 127021 हरियाणा मकान नं-100 9873845733

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