धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विशेष सदाबहार कैलेंडर- 153

1.Richness is not only measured by Money only.
You can also be rich by your
Habits, Values, Vision & Disciplines.

2.An opportunity is like a biscuit dipped in tea,
A little delay & it is gone.

3.Be happy with what you have,
Keep working on what you love,
And remember a happy life begins by saying,
THANK YOU LORD, for what I have!

4.जीवन गणित है,
साँसें ‘घटती’ हैं,
अनुभव ‘जुड़ते’ हैं,
अलग-अलग ‘कोष्ठकों’ में बंद हम बुनते रहते हैं ‘समीकरण’,
लगाते रहते हैं ‘गुणा-भाग’,
जबकि जीवन का अंतिम सत्य है ‘शून्य’.

5.किस्मत के फैसले नहीं बदलते,
लेकिन फैसलों से किस्मत जरूर बदलती है.

6.लम्बा धागा और लम्बी जुबान हमेशा उलझ जाती है,
इसलिए धागे को लपेट कर रखें और जुबान को समेट कर रखें.

7.छोटी-छोटी खुशियां ही तो जीने का सहारा बनती हैं,
ख्वाहिशों का क्या, वो तो पल-पल बदलती रहती हैं.

8.ओस की बूंद-सा है ज़िंदगी का सफर,
कभी फूल में, तो कभी धूल में,
हे प्रभु सभीको स्वस्थ और सुखी रखना.

9.दोस्ती सांस है !
चले तो सब कुछ !
रुक जाए तो कुछ भी नहीं !

10.खूबसूरत होना अच्छा है,
पर अच्छा होना बहुत खूबसूरत है.

11.अगर आपकी समस्या एक जहाज जितनी बड़ी हो,
तो भूलें नहीं कि प्रभु की कृपा सागर जितनी विशाल है.

12.हमारी मनोवृति ही हमारी महानता के कद को निर्धारित करती है.

13.अपनी प्रतिष्ठा का बहुत अच्छे से ख्याल रखें,
क्योंकि यही है, जिसकी उम्र आपसे ज्यादा है.

14.आत्मविश्वास जिंदगी की सबसे खूबसूरत सुबह होती है,
जो आपके पूरे दिन को खूबसूरत बनाए रखती है.

15.जीवन के 6 प्रमुख मार्गदर्शक सुविचार-
1.जब आप अकेले हों, तो अपने विचारों को संभालें.
2.जब आप मित्रों के साथ हों, तो अपनी जुबान को संभालें.
3.जब आप गुस्से में हों, तो अपने स्वभाव को संभालें.
4.जब आप समूह में हों, तो अपने व्यवहार को संभालें.
5.जब आप मुसीबत में हों, तो अपनी संवेदनाओं को संभालें.
6.जब प्रभु आप कृपा बरसाना शुरु करें, तो अपने अहंकार को संभालें.

17.हर सुबह उनके दिल में एक नया एहसास हो,
मेरी दुआ है कि हर सुबह उनकी ख़ास हो,
दस्तक हो हर सुबह खुशियों की,
सारी कायनात उनके साथ हो.

18. यदि हम सोच सकते हैं,
तो निश्चित ही उसे पूरा करने का माद्दा भी हम ही रखते हैं.

19.भले ही लाख परेशानी आ जाए,
लेकिन कोशिश करना कहां मना होता है!

20.जब अपने परेशानी का कारण आप दूसरों में खोजना शुरू करते हैं,
तो कभी भी आपकी परेशानी खत्म नहीं हो सकती है.

21.ख़त्म न होने दो, किसी के चेहरे की मुस्कुराहट,
बहुत मुश्किल से आती है, ये कुदरती आहट.

22.खुद की फ़िक्र केवल तनाव देती है!
दूसरों की फ़िक्र कर के देखिये! लगाव देती है.

23.दर्द-गम जो भी है, बस तेरे अंदर है,
खुद के बनाये पिंजरे से निकल कर देख, तू भी एक सिकंदर है.

24.जहां संघर्ष नहीं होता, वहां शक्ति नहीं होती,
शक्ति के बिना कोई प्रगति नहीं होती.

25.लोगों को भरपूर सम्मान दीजिये,
इसलिए नहीं कि उनका अधिकार है,
बल्कि इसलिए कि आपमें संस्कार है,

26.अल्फाजों की मिट्टी से महफिलों को सजाते हैं,
तभी तो हमारे ब्लॉग गुलज़ार रहते हैं.

27.संघर्ष जितना कठिन होता है जीत उतनी ही शानदार होती है.
आत्मज्ञान के लिए बहुत संघर्ष करना पड़ता है.

28.एक पल के लिए भी यह मत सोचो कि हम कमजोर हैं,
हम सभी के अन्दर आंतरिक शक्ति का भण्डार छिपा है.

29.कोई जूनून बिना संघर्ष नहीं आता,
जहाँ संघर्ष नहीं होता, वहां शक्ति नहीं होती.

30.ये बहारें, ये नजारे सब आपके दम से हैं,
वरना कौन पूछता है इन सिकुड़े-सूखे नजारों को!

31.है छोटी सी ज़िन्दगी, तकरारें किसलिए,
रहो एक दूसरे के दिलों में, ये दीवारें किसलिए.

 

प्रस्तुत है पाठकों के और हमारे प्रयास से सुसज्जित विशेष सदाबहार कैलेंडर. कृपया अगले विशेष सदाबहार कैलेंडर के लिए आप अपने अनमोल वचन भेजें. जिन भाइयों-बहिनों ने इस सदाबहार कैलेंडर के लिए अपने सदाबहार सुविचार भेजे हैं, उनका हार्दिक धन्यवाद.

 

अभी-अभी राजेंद्र तिवानी का मैसेज आया है. सदाबहार कैलेंडर ऐप में सभी 152 विशेष सदाबहार कैलेंडर्स के अनमोल वचन जोड़ दिए गए हैं. अब तक कुल अनमोल वचन 5901 हुए हैं. आप सबका हार्दिक अभिनंदन और राजेंद्र तिवानी का भी बहुत-बहुत शुक्रिया, जिन्होंने हमारे जन्मदिन पर सदाबहार कैलेंडर ऐप बनाकर हमें उपहार-स्वरूप दिया था और अब समय-समय पर चुपचाप अपडेटिंग का काम करके हमें अनुग्रहीत कर रहे हैं. हर सुबह ब्लॉग प्रकाशित करने के बाद फेसबुक पर हम ब्लॉग के साथ दो अनमोल वचन भी प्रकाशित करते हैं, जिसके लिए हम इसी ऐप कम वेबसाइट की सहायता लेते हैं.

हर सुबह एक नया सदाबहार अनमोल वचन निकालने के लिए आप हमारी इस ऐप कम वेबसाइट की सहायता ले सकते हैं-

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परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “विशेष सदाबहार कैलेंडर- 153

  1. जहां भी जाएगा, रोशनी लुटाएगा,
    किसी चिराग का अपना मकां नहीं होता.

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