कविता

रक्तबीज कोरोना

बहुत कुछ सीख दे रहा रक्तबीज कोरोना।
मिल जुलकर प्यार से घर में ही रहना।
रिश्तों की सुध लेते रहना।
घर के बडो को भी कुछ समय देना।
बच्चों के साथ बच्चा बनकर खेलते रहना।
स्कूल बंद हैं पर घर पर ही पढते रहना।
अलमारी से निकालकर कोई किताब पढते रहना।
सूखते पौधों की भी सुध लेते रहना।
कोरोना पीड़ित की सेवा करने के लिए तैयार रहना।
योग ध्यान प्राणायाम कर स्वस्थ रहना।
सरकारी आदेश का पालन करते रहना।
अपनी रुचि के कार्य भी करते रहना।
रक्तबीज कोरोना का है बस इतना ही कहना।
यह समय भी निकल जाएगा बस धैर्य बनाए रखना।
— दिलीप भाटिया

*दिलीप भाटिया

जन्म 26 दिसम्बर 1947 इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और डिग्री, 38 वर्ष परमाणु ऊर्जा विभाग में सेवा, अवकाश प्राप्त वैज्ञानिक अधिकारी