गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

कौन है छोटा बड़ा इस बात की चर्चा न कर
आइना रख सामने परछाइयाँ देखा न कर

उम्र के अनुभव से कद को नापना अब छोड़ दे
व्यर्थ की बातों में अपने इल्म को जाया न कर

जो दलाली खा रहे हैं उनपे कवितायें न लिख
कीमती शेरों को सस्ती हाट में बेचा न कर

महफिलों में है तेरा चर्चा मगर इतना नहीं
तू अभी गजलों का अपनी मजमुआँ शाया न कर

सुनके जिसको पीर दिल की आँख से झरने लगे
‘शान्त’ इस अन्दाज से गजलों को तू गाया न कर

— देवकी नन्दन ‘शान्त’

देवकी नंदन 'शान्त'

अवकाश प्राप्त मुख्य अभियंता, बिजली बोर्ड, उत्तर प्रदेश. प्रकाशित कृतियाँ - तलाश (ग़ज़ल संग्रह), तलाश जारी है (ग़ज़ल संग्रह). निवासी- लखनऊ