शिशुगीत

कोरोना

कोरोना से लड़ना है,
हमको आगे बढ़ना है,First corona positive in Singrauli stir - सिंगरौली में ...
कोरोना की धूल झटक कर,
ऊंचे-ऊंचे चढ़ना है.
अनुशासन रख, कदम बढ़ाएं,
अपनी-अपनों की जान बचाएं,
दो गज दूरी, उचित फासला,
रखकर कोरोना को हराएं.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “कोरोना

  1. एक मित्र मिले बोले लाला तुम क्यों नहीं धर्म निभाते हो।
    इस लॉकडाउन के मौसम में भी घर से बाहर जाते हो।।

    क्या रखा आने जाने में जो कहता हूं वह काम करो।
    तुम घर जाओ खाओ पियो आराम करो आराम करो।।

    तुम डॉक्टर हो तो ठीक है जो मरीज़ों में दिन बिताते हैं।
    सोने को मिले तो सोते हैं सुबह फिर काम पर आते हैं।।

    तुम नर्स हो तो ठीक है तुम्हें सेवा ही करते जाना।
    फिर घर जाकर बच्चों का मस्तक चूमे बिन ही सो जाना।।

    तुम पुलिस हो तो ठीक है जो अपना वचन निभाती है।
    कभी दूसरों से कभी खुद से ही तुमको सदा बचाती है।।

    जो नहीं ज़रूरत मत निकलो तुम घर पर सब इंतज़ाम करो।
    ऐसे ही कोरोना योद्धा की सूची में शामिल नाम करो।।

Leave a Reply