कथा साहित्य लघुकथा

नापाक रिश्ता (लघुकथा)

बहन ने धर्मभाई के कलाई पर राखी बाँधी, चन्दन की टीका लगाई, आरती उतारी और महिमा-मंडित, प्रेम-पुष्पित ‘कर’ से मिठाई खिलाई ।
न परिचय, न पाती….। अनाथ को बहन ने धर्मभाई बनाया था , अपनी छत्रच्छाया में उन्हें भरकोशिश पढ़ाया-लिखाया और ‘चार्टर्ड – अकाउंटेंट’ जैसे ‘जॉब’ दिलवायी…. आमदनी की अम्बार सजी । प्रथम अवकाश में धर्मभाई सावन पूर्णिमा से एक दिन पूर्व बहन के पास आया था।
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थी तो पूर्णिमा की रात….
और रात में….
कमरे में अँधेरे होने का फायदा उठाया —
“म… मैं…. मैं….. कंचन हूँ, रमण ! …..तुम्हारी दीदी….कहीं बहन के साथ…. ऐसी नीच हरकतें…..।”
तबतक दरिंदे भाई ने माँ-तुल्य धर्मबहन की चोली और चुनरी को उनकी देह से अलग कर दिया था तथा अपनी कामवासना से उस पवित्र रिश्ते को कलंकित किया ।
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बहन ने भाई को सबकुछ दी और बदले में भाई ने उस देवी को कोठेवाली बना दिया, जिनका नाम कंचन बाई है । हाँ, कंचन आज वेश्या है, जिनकी हर रात नए-नए ग्राहकों के बाँहों में बीतती है ।*
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[*नोट : पाठक मित्रों ने अभी-अभी जो लघुकथा पढ़े हैं, मेरे (सदानंद पॉल) द्वारा रचित है, जो कि 20 साल से पहले 1995 में प्रकाशित हुई थी। तब जैमिनी अकादेमी, पानीपत (हरियाणा) ने ‘अखिल भारतीय लघुकथा-प्रतियोगिता’ में इसे पुरस्कृत भी किया था।]

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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