लेखविज्ञान

फर्मेट का अंतिम प्रमेय (FLT) को आसानी से ‘आकृति संख्या’ से ध्वस्त किया गया !

फर्मेट का अंतिम प्रमेय (FLT) को आसानी से ‘आकृति संख्या’ से ध्वस्त किया गया !

FLT प्रमेय को पहली बार 1637 में फ्रांसीसी अधिवक्ता और गणितज्ञ पियरे डि फर्मेट द्वारा अंकगणित की एक पुस्तक के एक पृष्ठ के हाशिये यानी मार्जिन में अनुमान लिए लिखा गया था और उन्होंने दावा भी किया था कि उनके पास सबूत है, किन्तु मार्जिन में इसे हल करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है!

गणित की दुनिया का यह अद्भुत थ्योरम यानी फर्मेट या फर्मा का अंतिम प्रमेय (FLT) उनके निधन वर्ष 1665 से अनसुलझा पड़ा है, जब उनके पुत्र द्वारा उक्त पुस्तक को आलमारी किसी कारणश: निकाली गई थी। आज के गणितज्ञ 17 वीं शताब्दी के गणितीय ज्ञान के समकक्ष ले जाने की नहीं सोचते हैं, इन्हीं कारणों से पियर डि फर्मा के प्रमेय का प्रमाण अब तक गणितज्ञ नहीं खोज सके हैं। इसे रायल सोसायटी, लंदन द्वारा इसे 1676 में प्रकाशित किया गया। फर्मा का हल 16 वीं शताब्दी के आसपास छिपा था, जिसे मैंने खोज निकाला है, वैसे कई गणित जानकारों, शिक्षकों और गणितज्ञों ने इनका हल व इनकी काट निकालने का दावा-प्रतिदावा किया है ! इसे मैंने (Sadanand Paul) “Non FLT” का नाम दिया है यानी यह वैसी प्रक्रियाएँ हैं, जिनसे FLT की काट हो।

पाइथागोरस प्रमेय (p^2 + b^2) = h^2 को लेकर पियरे D’ FERMAT ने एक कल्पना प्रस्तुत किया था कि उक्त प्रमेय की भांति (p^n + b^n) = h^n में n = कोई भी संख्या हो सकता है या नहीं ! इसे FERMAT का अंतिम प्रमेय FLT कहा जाता है, किन्तु इसपर ध्यान देने से स्पष्ट होता है कि यह “त्रिभुज आकृति” के सूत्र है, यथा-

(3^2) + (4^2) = 5^2, जो कि वर्ग (square) के लिए ऐसा ठीक है, किन्तु घन (cube) या चतुर्घात या पंचघात या कोई घात ऐसी स्थिति में त्रिभुजीय सोच लिए ही संभव हो सकता है, किन्तु किसी संख्या की सोच लिए नहीं, इसलिए Non FLT सोच के साथ ये सब “आकृति संख्या” होगी , यथा-

(6^3) + (8^3) + (10^3) = 12^3

(9^3) + (12^3) + (15^3) = 18^3

(4^4) + (6^4) + (8^4) + (9^4) + (14^4) = 15^4

(8^4) + (12^4) + (16^4) + (18^4) + (28^4) = 30^4

…..इत्यादि आकृति संख्याएँ हैं । घन हेतु चतर्भुज और चतुर्घात हेतु षट्भुज आदि के प्रमेय सूत्र आकृति संख्या यानी Figure Numbers कहलाती हैं, इसलिए (x^n) + (y^n) = (z^n) केवल n = 2 के रूप में ही संभव है n > 2 के रूप में नहीं!

Non FLT अबतक खोजी गई “Fermat’s Last Theorem” की काट के लिए अत्यधिक सटीक और सबसे लघुत्तम प्रक्रिया (Shortest Process) है। ध्यातव्य है, मैंने अल्पायु में गणित विषय व गणितीय-सूत्रों पर पहली डायरी की रचना की थी, जो दो-दो संस्करण लिए ‘सदानंद पॉल की गणित-डायरी’ के नाम से प्रकाशित भी हुई थी।

डॉ. सदानंद पॉल

एम.ए. (त्रय), नेट उत्तीर्ण (यूजीसी), जे.आर.एफ. (संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार), विद्यावाचस्पति (विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ, भागलपुर), अमेरिकन मैथमेटिकल सोसाइटी के प्रशंसित पत्र प्राप्तकर्त्ता. गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स इत्यादि में वर्ल्ड/नेशनल 300+ रिकॉर्ड्स दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 12,000+ रचनाएँ और संपादक के नाम पत्र प्रकाशित. गणित पहेली- सदानंदकु सुडोकु, अटकू, KP10, अभाज्य संख्याओं के सटीक सूत्र इत्यादि के अन्वेषक, भारत के सबसे युवा समाचार पत्र संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में अर्हताधारक, पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.