लेख विज्ञान

गलत है “पाइथागोरस थ्योरम” ?

पाइथागोरस थ्योरम को गलत साबित करनेवाला एक गणितीय प्रश्न !

समस्यात्मक गणितीय प्रश्न :-

किसी समकोण ∆ का कोण B = 30° है और (AB + AC) = 6 cm की आनुपातिक स्थिति में यदि BC = 2√3 cm प्राप्त होता है, तो उसी ∆ में केवल कोण B का मान बदलकर 45° कर दिया जाय, तो परिवर्तित आनुपातिक स्थिति में BC का मान कितना होगा ?

टिप्पणी :-

यह समस्यात्मक प्रश्न विश्वविख्यात गणितज्ञ पाइथागोरस के प्रसिद्ध थ्योरम (p^2 + b^2 = h^2) को गलत साबित कर देती है! दिए गए समस्यात्मक प्रश्न के प्रथम भाग में (p^2 + b^2 = h^2) की स्थिति का अवलोकन कर दूसरे भाग को इस दृष्टि से हल करने की कोशिश करते हैं, ताकि BC का मान ज्ञात हो जाय, जैसा कि उक्त प्रश्न में उल्लिखित है, परंतु हल को आगे बढ़ाते जाते ही गणितीय समस्याएँ भी साथ-साथ बढ़ती जाती है, इसतरह आनुपातिक स्थिति की डिग्रीमान में संतुलन रहने के फलस्वरूप पाइथागोरस थ्योरम के उक्त सिद्धांत सिद्ध नहीं हो पाता है । वैसे इलेक्ट्रिक आयरन आदि से भी पाइथागोरस प्रमेय व थ्योरम गलत साबित होते हैं।

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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