शिशुगीत

मोर

राष्ट्रीय पक्षी हूं मैं मोर,
कें-कें बोल मचाता शोर,Peacock Meat Ate To Roasted - भूनकर खाया मोर का ...
बादल देखूं छम-छम नाचूं,
बच्चों का मैं प्यारा मोर.
पंख हैं मेरे वड़े सजीले,
सिर पर मेरे ताज है,
नीली-प्यारी-लम्बी गर्दन,
भारत को मुझ पर नाज है.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

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