भजन/भावगीत

सरस्वती मां

हे मां सरस्वती
सनले पुकार मेरी
तू विधा दायनी भयहारिणी
भक्तो को अपने तार दे मां।

तेरी दया के आंचल में
शीतल बयार के छाव में
तू विद्या का भंडार दे
जीवन सवार दे मां।

तेरी कृपा से मैया
चलती है नैया मेरी
तू वीणा वत्सल भगवती
करदे उद्धार मेरी।

श्वेताम्बर से विभूषित
रखती दया भक्तो पर
सुमति का साथ देती
नैया उबार मेरी।

हे मां तेरी चरणों में
नव पूष्प समर्पित करती हूं
सर पे आशीष रख दो
सुनले पुकार मेरी।
विजया लक्ष्मी

बिजया लक्ष्मी

बिजया लक्ष्मी (स्नातकोत्तर छात्रा) पता -चेनारी रोहतास सासाराम बिहार।