लघुकथा

कोरोना युग

”ईमानदारी की अनोखी मिसाल! सोसाइटी की बैंच पर अखबार पड़े है, सब अपना-अपना उठाकर जा रहे हैं, दूसरे की ओर देखते भी नहीं.” पथिक ने अपनी डायरी में लिखा.

”प्रकृति का अद्भुत नजारा! साफ हवा, स्वच्छ वातावरण, कोई रास्ते में थूकता नहीं, कोई भी रास्ते में कचरा नहीं फैला रहा, पंछी चहचहा रहे हैं.” यायावर ने फोटो खींचा और अपनी डायरी में कुछ नोट किया.

”भारतीय संस्कृति जीवित हो उठी! पिछली बार जब यहां आया था, सबने हाथ मिला-मिलाकर स्वागत किया था और गले मिल रहे थे! इस बार दूर से ”नमस्ते जी”, ”नमस्कार जी’, ‘प्रणाम जी” कहकर अभिवादन कर रहे हैं.” उसकी कलम चल रही थी.

”सभी लोग परिव्राजक बने घूम रहे हैं, क्या सतयुग आ गया?” उसने किसी से पूछा.

”कोरोना युग है साहब! मास्क लगाना आवश्यक कर दिया गया है.”

बिना मास्क वाले पथिक के मुख पर भय से पसीने की बूंदें चमकने लगी थीं. वह अन्य आवश्यक नियम जानने को उत्सुक हो उठा.

परिचय - लीला तिवानी

लेखक/रचनाकार: लीला तिवानी। शिक्षा हिंदी में एम.ए., एम.एड.। कई वर्षों से हिंदी अध्यापन के पश्चात रिटायर्ड। दिल्ली राज्य स्तर पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर दो शोधपत्र पुरस्कृत। हिंदी-सिंधी भाषा में पुस्तकें प्रकाशित। अनेक पत्र-पत्रिकाओं में नियमित रूप से रचनाएं प्रकाशित होती रहती हैं।

One thought on “कोरोना युग

  1. आंखों की हालत हो गई है ऐसी, तो हो सकता है कोरोना वायरस का नया लक्षण : शोध
    कोरोना वायरस संक्रमण का मामला भारत में अभी भी तेजी से फैला जा रहा है। इसी बीच देश दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से नई रिसर्च रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं जिसमें कोरोना वायरस के नए लक्षण के बारे में भी बताया जा रहा है। एक ऐसी ही रिपोर्ट कनाडा से सामने आ रही है जिसमें कोरोना वायरस के नए लक्षण के बारे में बताया गया है।
    इस अध्ययन को ध्यान में रखते हुए लोगों को आंखों से जुड़ी हुई किसी भी प्रकार की समस्या होने पर विशेष सावधानी बरतनी होगी। इस बात को ध्यान में रखकर लोगों को नेत्र रोग विशेषज्ञ (Eye specialist) के पास जाने से पहले इसके लक्षणों को बारीकी से समझना होगा, ताकि कोरोनावायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिले।

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