कविता

कठिन हो राह संघर्ष की

कुछ कोशिशें बेकार हो
ज़रूरी नही सब असरदार हो
कठिन हो राह संघर्ष की
और सफलता शानदार हो….
जीवन का लक्ष्य पाने को
क्यों  खंगाले इतिहास को
बन सकता है आदर्श तू भी
बस ख़ुद से वफादार हो
आवेग जब शस्त्र बन जाए
निराशा भी दिशा बन जाए
दम तोड़ देती है हर मुश्किल
जब हौसलों का पलटवार हो
ना कोस अब हालातों को
देख क्या है निभाने को
कर्तव्य हो या रिश्ते हो
बस ख़ुद ही जिम्मेदार हो
कठिन हो राह संघर्ष की
और सफलता शानदार हो….
— सविता दास सवि

परिचय - सविता दास सवि

पता- लाचित चौक सेन्ट्रल जेल के पास डाक-तेजपुर जिला- शोणितपुर असम 784001 मोबाईल 9435631938 शैक्षिक योग्यता- बी.ए (दर्शनशास्त्र) एम.ए (हिंदी) डी. एल.एड कार्य- सरकारी विद्यालय में अध्यापिका। लेखन विधा- कविता, आलेख, लघुकथा, कहानी,हाइकू इत्यादि।

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