लघुकथा

राजनीतिक कुचेष्टा

यह ‘मानव बम’ एक महिला थी। ममता बरसानेवाली एक महिला क्या इतनी क्रूरतम भी हो सकती है भला? किसी देश में किसी देश के धर्म / जाति / समुदाय वाले बस जाय, तो उसे किस देश के प्रति स्वामीभक्ति दिखानी चाहिए ! क्या जिनका नमक खा रहे हो, उनका ऋण अदा करोगे ? परंतु जिन्होंने प्रसव – पीड़ा की दंश झेली और दूध स्तन से निचोड़कर पिलाई जो, उनके प्रति भक्ति – अनुराग नहीं है क्या? एक महिला ने पति खोई, तो एक किशोर और एक किशोरी ने पिता को। किसी राजनीतिक कुचेष्टा के सरोकार भी यह घटना किसी भी स्थिति में जायज नहीं है?

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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