राजनीति लेख

यूएनओ के उप महासचिव के बाद शशि थरूर का कॅरियर

साहित्यकार, राजनयिक और राजनीतिज्ञ डॉ. शशि थरूर ‘ईसाई’ है, जो न हिन्दू है, न मुस्लिम ! इसलिए वे हिन्दू पाकिस्तान की परिकल्पना कर गए, क्योंकि वह जान रहे हैं कि अपना देश भी मुस्लिम हिंदुस्तान बनते जा रहा है । इस उप महाद्वीप में 70 करोड़ के करीब इस्लाम धर्मावलम्बी जो रहते हैं ! क्यों ? संयुक्त राष्ट्र संघ के एक पूर्व उप महासचिव को दोनों पक्ष अवश्य रखने चाहिए थे !

श्री शशि थरूर ने जुलाई 2018 में ऐसे वक्तव्य दिए ! विकिपीडिया के अनुसार भारत के राजनीतिज्ञ और विदेश में राजनयिक है, जो 2009 से केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस के लोस सांसद हैं। वर्तमान में, वे विदेशी मामलों में संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष के रूप में सेवारत हैं। वे प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में भारत के 2009-10 तक विदेश मन्त्रालय के और 2012-14 तक मानव संसाधन विकास मन्त्रालय के राज्य मन्त्री रह चुके हैं। वर्ष 2007 तक वे UNO के करियर अधिकारी थे और 2001 में पदोन्नति पाकर संचार और जन सूचना के उप महासचिव बने।

ज्ञात हो, UNO में 29 साल कार्य करने के बाद उन्होंने 2006 में महासचिव पद के लिए चुनाव में भाग लिए और दूसरे स्थान पर आए । वह एक बेहतर साहित्यकार हैं तथा उपन्यासकार भी हैं, जिन्होंने 1981 से कई बेस्टसेलिंग रचनाएँ दी हैं, जो भारत और उसके इतिहास, संस्कृति, फिल्म, राजनीति, समाज, विदेश नीति इत्यादि से संबंधित विषयों पर केंद्रित हैं। वे केरल के मलयाली ब्राह्मण परिवार से हैं, उनके पिताजी कई देशों में उच्च पदों पर रहे हैं, उन्होंने तीन शादियाँ की, जिनमें प्रथम पत्नी उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश एम. काटजू के परिवार से थी, द्वितीय पत्नी विदेश से थी । दोनों से तलाक के बाद तीसरी शादी उन्होंने कश्मीरी सुनंदा पुष्कर से किये थे, जिनकी भी तीसरी शादी थी। सुनंदा की मौत कुछ वर्ष पहले दिल्ली के एक होटल संदेहास्पद रूप में हो गयी। श्री थरूर के सभी पुत्र-पुत्रियाँ अच्छे से अच्छे जगह सेटल्ड हैं । बड़े बेटे टाइम मैगजीन के उप संपादक तक रहे हैं, सम्प्रति वाशिंगटन पोस्ट में राजनीतिक संपादक हैं। श्री नरेंद्र मोदी के पीएम बनने से पहले ट्वीटर पर सबसे ज्यादा फॉलोवर्स उनके ही थे, वे ट्वीटर का सर्वाधिक उपयोग कर रहे हैं। वे व्यक्तिश: शाकाहारी हैं । सन 1956 में उनका जन्म लंदन में हुआ था, हालांकि वे मूलत: केरल से हैं । सिर्फ 22 वर्ष की आयु में डॉक्टरेट किए हैं । जो हो, वे बिंदास प्रकृति के व्यक्ति हैं।

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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