गीत/नवगीत

कजरी

कृष्णा रास रचाए मधुबन में
राधा जी के संग में न।
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रिमझिम बरसे फुहार
ले ले सावन का बहार
राधा रानी का मुखड़ा निहार के
राधा जी के संग में न
कृष्णा रास……….
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ग्वाल बाल सब आए
मिलकर रास रचाए
सब सावन के मस्ती में झूम के
राधा जी के संग में न
कृष्ण रास………..।
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झूला झूले कदम डाल
संग झूले राधा प्यारी
खूब रास रचाए मधुबन में
राधा जी के संग में न।
कृष्णा रास……..
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बादल हुए घनघोर
बिजली चमके चारु आेर
सब सखियां झूला झूले उपवन में
राधा जी ……….
कृष्ण रास …………।
विजया लक्ष्मी

बिजया लक्ष्मी

बिजया लक्ष्मी (स्नातकोत्तर छात्रा) पता -चेनारी रोहतास सासाराम बिहार।