इतिहास

युगपुरुष महात्मा चैतन्य मुनि जी

पूजनीय महात्मा चैतन्य मुनि जी का बीती 26 जून 2020 को हृदयाघात से दुःखद निधन हो गया | महात्मा चैतन्य मुनि जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन आर्य समाज व साहित्य साधना को समर्पित किया | सरल हृदय महात्मा जी सार्थक प्रवचनों व उच्चकोटि के लेखन के लिए जाने जाते हैं | उनकी विद्वत्ता का परचम देश-विदेश तक फैला था |

महात्मा जी का जन्म 15 जुलाई 1948 को हिमाचल प्रदेश के सुन्दरनगर में हुआ था | मेरा उनसे परिचय 2010-11 के बीच हुआ, उनकी साहित्यिक काव्य कृति – आकाश अनन्त है के माध्यम से | उसके बाद तो उनका आशीर्वाद मुझे निरन्तर प्राप्त होता रहा | 2012 में महात्मा जी द्वारा सम्पादित पत्रिका – वैदिक वशिष्ठ पत्रिका में मेरी प्रथम काव्य रचना – भूल छपी | उसके बाद निरन्तर पत्रिका व महात्मा जी अपनी स्वरचित, प्रकाशित पुस्तकें भेजते रहे, साथ ही नियमित पत्र लिखकर एवं फोन के माध्यम से मेरा उत्साह वर्धन – मार्ग दर्शन करते रहे | मैंने भी उन्हें अपना प्रथम साहित्यिक गुरु माना था उसी समय से | उनके आशीर्वाद से मेरी टूटी-फूटी रचनाएं देश -विदेश की पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होने लगी और आज भी अनवरत हो रही हैं |

महात्मा जी का इस तरह से अचानक चले जाना आर्य समाज व साहित्य जगत को अपूर्णनीय छति पहुंची हैं | मधुर व्यवहार, व्यवहार कुशल महात्मा जी अपने शारीरिक स्वास्थ्य की चिन्ता किये बगैर निरन्तर वेद प्रचार व लेखन कार्य कर रहे थे | उनकी अमूल्य सेवाओं से समाज काफी लाभान्वित हो रहा था | उनकी सौ से अधिक प्रकाशित पुस्तकें सदियों तक संसार का मार्गदर्शन करती रहेंगी | उन्होंने माँ भारती की अत्याधिक सेवा की | उनकी सेवाओं को कभी भुलाया नहीं जा सकेगा |

महात्मा चैतन्य मुनि जी दूरदर्शन व आकाशवाणी के माध्यम से भी अपनी रचनाओं की प्रस्तुति देते रहे | उन्होंने साक्षरता अभियान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य किये, जिसके लिए सरकार ने उन्हें सम्मानित भी किया | कई प्रतिष्ठित सम्मान उन्हें प्राप्त हुए थे | बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी ने भी कई पावन अवसरों पर उन्हें सम्मानित किया था |

कई आश्रमों के संचालक महात्माजी कई संस्थाओं से जुड़े भी थे, और निरन्तर उन्हें अपनी सेवायें दे रहे थे |
महात्माजी की धर्मपत्नी और मेरी गुरु माँ सत्याप्रिया जी को ईश्वर इस दुख की घड़ी में सांत्वना प्रदान करें | ईश्वर दिवगंत महात्मा जी की आत्मा को परमशान्ति प्रदान करे और अपने श्रीचरणों में स्थान दे | उनके निधन से माँ भारती को जो क्षति हुई है परमात्मा उसकी पूर्ति करे | पुनः युगपुरुष महात्मा चैतन्य मुनि जी को सादर कोटिश नमन |

— मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

नाम - मुकेश कुमार ऋषि वर्मा एम.ए., आई.डी.जी. बाॅम्बे सहित अन्य 5 प्रमाणपत्रीय कोर्स पत्रकारिता- आर्यावर्त केसरी, एकलव्य मानव संदेश सदस्य- मीडिया फोरम आॅफ इंडिया सहित 4 अन्य सामाजिक संगठनों में सदस्य अभिनय- कई क्षेत्रीय फिल्मों व अलबमों में प्रकाशन- दो लघु काव्य पुस्तिकायें व देशभर में हजारों रचनायें प्रकाशित मुख्य आजीविका- कृषि, मजदूरी, कम्यूनिकेशन शाॅप पता- गाँव रिहावली, फतेहाबाद, आगरा-283111