सामाजिक

भारत को आत्मनिर्भर बनाने में एंटरप्रेन्योरशिप की भूमिका

इस कोरोना महामारी ने हमे बहुत कुछ सिखाया है और लोगो को अपनी अच्छाई और खामी दोनों को ही समझने में काफी मदद की है। इस बात से किसी को भी संदेह नही होना चाहिए कि इस महामारी ने देश को भी बहुत कुछ सिखाया है तथा कई खामियों को भी उजागर किया है। ऐसे में सबसे बड़ी कमी जो उजागर हो के आयी है वह है एंटरप्रेन्योरशिप की कमी, अर्थात उद्धमिता और आत्मनिर्भरता की कमी। चलिए पहले ये समझ लेते हैं कि एंटरप्रेन्योरशिप क्या है और ये हमे आत्मनिर्भर कैसे बनाएगा?

यह एक ऐसा सवाल है जिसका उत्तर आज कल सारे युवा जानना चाहते हैं। इस दुनिया मे हर एक इंसान जो भी कुछ अलग , नया, और अच्छा करना चाहता है, आसमान में परिंदे की तरह उड़ना चाहता है,उसे एंटरप्रेन्योरशिप के बारे में जरूर जानना चाहिए। ये बात तो साफ है कि नौकरी न तो आपके सपनों को साकार कर पाएगी न ही देश के सपनों को, आपकी नौकरी से बस आपकी जिंदगी चल सकती है। लेकिन जब सपने पूरे करने की बात आएगी तो ये कही भी खरी नही उतरती है।
बेशक,थोड़ा कड़वा है पर सच है!

चलिए अब समझ लेते हैं एंटरप्रेन्योरशिप क्या है?

एंटरप्रेन्योरशिप का मतलब उद्यमिता होता है अगर सरल सब्दो में कहा जाए तो इसका मतलब व्यवसाय होता है। इसमे एक ऐसे तरकीब पर कार्य किया जाता है जिसे आगे जा कर एक बड़े व्यापार में बदल दिया जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर किसी व्यक्ति के पास ऐसी तरकीब है जिससे जिंदगी पहले की तुलना में आसान हो जाये तथा वह व्यक्ति उस तरकीब पर कार्य कर के उसे हकीकत में बदल दे, इसे ही एंटरप्रेन्योरशिप अर्थात उद्धमिता कहते हैं।
साथ ही एक उद्यमी अपने कार्य के माध्यम से लोगो का काम आसान तो करता ही है साथ साथ इस काम के बदले लोगो से पैसा भी कमाता है और बाद में चल कर इसे बड़े वयापार में तब्दील कर लेता है। फ्लिपकार्ट, अमेज़न, ओला, ओयो आदि एंटरप्रेन्योरशिप के उदाहरण हैं अतः इनसे लोगो को काफी मदद मिल रही है। इतना ही नहीं, कही न कही इन सब ने लोगो की जिंदगी को आसान बनाया है।

अब समझने की कोशिश करते है, एंटरप्रेन्योर कौन होते हैं?

एंटरप्रेन्योर का हिंदी में अनुवाद उद्यमी या व्यवसायी होता है। एंटरप्रेन्योर वो व्यक्ति होता है जिसे खुद पे सबसे ज्यादा भरोसा होता है, जिसमे जोखिम उठाने की हिम्मत होती है, जो निडर होता है, जिसमे इस दुनिया को बदलने की ताकत होती है, जो जूनूनी होता है, जो खुद के साथ साथ देश को भी बेहतर भविष्य देने की काबिलियत रखता है, देश को समृद्ध बनाता है। और सबसे गौर करने वाली बात यह है कि कई लोगो को रोजगार देने का पुण्य करता है और उनकी दुवाएँ लेता है।

एंटरप्रेन्योर वह है जो हर परिस्थितियों से लड़ कर अपने देश और खुद को एक उज्ज्वल भविष्य देता है, हज़ार बार गिर के फिर उसी हिम्मत के साथ जो खड़ा होता है, वह एंटरप्रेन्योर होता है। अर्थात एंटरप्रेन्योर वो होता है जो अपने तरकीब का इस्तेमाल कर के व्यापार शुरु करता है तथा उसे अपने मेहनत और काबिलियत से एक बड़े व्यवसाय में बदल देता है जिसके फलस्वरूप लोगो तथा समाज को बहुत कुछ देता है।

अब हम यह समझने की कोशिश करते हैं कि एंटरप्रेन्योरशिप हमे कैसे आत्मनिर्भर बनाएगा?

हम जानते हैं भारत निर्यात कम और आयात ज्यादा करता है और इसी कारण जरूरत की ज्यादातर वस्तुओं के लिए हमारा देश दूसरे देशों पर निर्भर है। जिसका सबसे बड़ा कारण है एंटरप्रेन्योरशिप की कमी, अतः एंटरप्रेन्योर की कमी। देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा मात्रा में हमे वस्तुओं का उत्पादन अपने देश मे करना होगा, न सिर्फ खुद के खपत के लिए बल्कि दूसरे देशों में निर्यात के लिए भी , जिसके फलस्वरूप विदेशी मुद्रा हमारे देश मे आएगी और देश समृद्ध बनेगा अर्थात आत्मनिर्भर बनेगा और ये सिर्फ व्यापार और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा दे के ही संभव है।

एंटरप्रेन्योरशिप के फायदे।

अपने बिजनेस को फैमिली एसेट बनाएं – सभी लोग अपने बाद परिवार के लिए कुछ ऐसा छोड़कर जाना चाहते हैं, जो उन्हें फाइनेंशियल सिक्योरिटी दे सके और इसके लिए एंटरप्रेन्योरशिप से अच्छा विकल्प नही हो सकता।

आप अपने खुद के बॉस होंगे – एंटरप्रेन्योर होने पर आप अपने बॉस खुद ही होते है। आप ही तय करते हैं कि क्या काम करना है और कौन किस काम को करेगा। कई सारी ऐसी चीजें होती हैं जिन पर आप कॉरपोरेट कल्चर से सहमत नहीं होते हैं अतः आप अपने तरीके से कार्य कर सकते हैं, इसमे सबसे अच्छी बात होती है कि आप अपने विचार को पूर्ण रूप से आज़मा सकते हैं और उन्हें सफल होते देख सकते हैं इसके विपरीत नौकरी में आप वही कार्य करते हैं जो आपसे कहाँ जाता है।

आप खुद को समृद्ध तो बनाते ही है साथ ही साथ देश की प्रगति में भी आपका काफी योगदान होता है। यदि आपके ग्राहक विदेशों से हैं तो विदेशी मुद्रा देश मे लाने में आपका भी योगदान होता है। सच कहें तो जिसकी जरूरत भारत जैसे विकासशील देश को सबसे ज्यादा है। भारत मे कई ऐसे संस्थान हैं जो एंटरप्रेन्योरशिप में कोर्स करवाते हैं, जिनमे से इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइनिंग एंड फैशन टेक्नोलॉजी, IDFT – Mumbai (web – www.idft.co.in) एक है, जो एंटरप्रेन्योरशिप मैनेजमेंट में ऑनलाइन कोर्स करवाती है। युवाओं को एंटरप्रेन्योरशिप के प्रति जागरूक करने में IDFT की फाउंडर श्रीमती मोनिका सिन्हा का काफी योगदान रहा है। एक सफल एंटरप्रेन्योर बनने के लिए आप इस संस्थान से जुड़ सकते हैं। यकीन मानिये एक उज्ज्वल भविष्य आपका इंतजार कर रहा है।

— सोनल सिन्हा

परिचय - सोनल सिन्हा

फाउंडर - MyBhkFlat Mumbai

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