इतिहास लेख

भारत के अल्पायु शहीद सेनानी

देश के कम उम्र के शहीद-सेनानी में ‘ध्रुव कुंडू’ का अमर स्थान…. देश के स्वाधीनता संग्राम में कम उम्र में शहीद होने वालों में कटिहार के ध्रुव कुंडू भी थे, उस समय वे 13 वर्ष के थे । तारीख 11 व 13 अगस्त 1942 को क्रांतिकारियों ने कटिहार रजिस्ट्री ऑफिस में आग लगाकर सभी कागजात जला दिए और उसके बाद मुंसिफ कोर्ट को निशाने पर लिये।

क्रांतिकारियों द्वारा कटिहार नगर थाने (तब नाम अलग हो) पर तिरंगा फहराये गए थे और फहराने के दौरान 13 वर्षीय ध्रुव कुंडू के जांघ में अंग्रेजों की गोली लगी और तिरंगे की आन-बान-शान के साथ वे शहीद हो गए, लेकिन देश के सबसे कम उम्र के शहीद स्वतंत्रता सेनानियों के अमर पंगत में शरीक हो गए । दरअसल, ‘शहीद चौक’ उन्हीं के कारण है।

उनकी याद में उनके नाम पर उनके प्रिय कटिहार शहर में एक संग्रहालय अवश्य बनाया जाना चाहिए, ताकि उनकी यादों को सँजो व ताजा रखकर युवाओं के बीच प्रेरणा संचरित हो सके !

परिचय - डॉ. सदानंद पॉल

तीन विषयों में एम.ए., नेट उत्तीर्ण, जे.आर.एफ. (MoC), मानद डॉक्टरेट. 'वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' लिए गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स होल्डर, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर, इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, RHR-UK, तेलुगु बुक ऑफ रिकॉर्ड्स, बिहार बुक ऑफ रिकॉर्ड्स होल्डर सहित सर्वाधिक 300+ रिकॉर्ड्स हेतु नाम दर्ज. राष्ट्रपति के प्रसंगश: 'नेशनल अवार्ड' प्राप्तकर्त्ता. पुस्तक- गणित डायरी, पूर्वांचल की लोकगाथा गोपीचंद, लव इन डार्विन सहित 10,000+ रचनाएँ और पत्र प्रकाशित. भारत के सबसे युवा संपादक. 500+ सरकारी स्तर की परीक्षाओं में क्वालीफाई. पद्म अवार्ड के लिए सर्वाधिक बार नामांकित. कई जनजागरूकता मुहिम में भागीदारी.

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